नई दिल्ली: केंद्र सरकार द्वारा नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (के) निकी समूह के साथ संघर्ष विराम समझौते को एक और वर्ष के लिए बढ़ा दिया गया है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बयान में कहा, "भारत सरकार और नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड (के) निकी समूह के बीच युद्धविराम समझौता चल रहा है। एनएससीएन (के) निकी के साथ संघर्ष विराम समझौते को 08.09.2022 से 07.09.2023 तक एक वर्ष की अवधि के लिए बढ़ाने का निर्णय लिया गया।

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NSCN-K ने पहली बार 8 सितंबर, 2021 को एक साल की अवधि के लिए युद्धविराम में प्रवेश किया। समूह के 200 से अधिक कार्यकर्ता शांति प्रक्रिया में शामिल हुए। एनएससीएन-के का गठन 1988 में एसएस खापलांग ने नेशनल सोशलिस्ट काउंसिल ऑफ नागालैंड-इसाक चिशी स्वू और थुइंगलेंग मुइवा गुट से अलग होने के बाद किया था।

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NSCN के कई गुट हैं और निकी के नेतृत्व वाला गुट संघर्ष विराम में आने वाले नवीनतम गुटों में से एक है।