बौद्ध धर्मगुरु 14वें दलाई लामा आगामी 28 से 30 अक्टूबर तक सिक्किम में रहेंगे। वह करीब 12 वर्ष बाद सिक्किम आ रहे हैं। यह जानकारी राज्य धर्म विभाग के मंत्री सोनाम लामा ने दी है। उन्होंने बताया है कि वह कुछ दिन पहले सिक्किम सरकार की ओर से एक विशेष दल का नेतृत्व करते हुए धर्मशाला जाकर दलाई लामा से मिले थे। तब उन्‍होंने दलाई लामा से सिक्किम आने का भी आग्रह किया था। 

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यह जानकारी देते हुए मंत्री सोनाम लामा ने बताया है कि परम पावन 14वें दलाई लामा ने हमारा आमंत्रण स्‍वीकार किया है। वे 28 से 30 अक्टूबर तक सिक्किम में रहेंगे। वह यहां सिक्किम से देश समेत विश्व के विभिन्न स्थान से आए भक्तों को आशीर्वाद देंगे। उन्होंने बताया कि उक्त निर्धारित तिथि में विशेष परिस्थितियों में कुछ बदलाव हो सकता है, लेकिन अब तक यह तिथि ही सुनिश्चित है। राज्य में लगातार पर्यटकों का आना जाना बढ़ रहा है। पर्यटकों की भीड़ को ध्यान में रखते हुए भी भक्तों की सुविधा का प्रबंधन करना आवश्यकता है। उन्होंने आगे कहा कि दलाई लामा के दर्शन से कोई वंचित न हो इसके लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी। ताकि सभी लोग आसानी से उनके दर्शन कर सकें । इसके लिए राज्य सरकार की ओर से तैयारियां भी शुरू कर दी गई है। 

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मंत्री ने धर्मगुरु दलाई लामा के आगमन के मद्देनजर जल्द ही समिति गठित करने की बात कही है। भारत तिब्बत सहयोग मंच सिक्किम शाखा ने एक प्रस्ताव पारित करते हुए कहा है कि नोबेल शांति पुरस्कार से सम्‍मानित बौद्ध धर्मगुरु दलाई लामा को भारत रत्‍‌न पुरस्कार से सम्मानित करना चाहिए। यह जानकारी मंच के प्रचार सचिव डिल्लीराम दुलाल ने दी है। स्थानीयएक होटल में मंच के अध्यक्ष डा. एल.पी शर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में यह प्रस्ताव पारित किया गया है। इस अवसर पर मंच के सदस्यों के साथ तिब्बती समुदाय के विभिन्न छह संगठन के प्रतिनिधि उपस्थित थे।