दिल्ली पुलिस ने असम के एक व्यक्ति को इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के अंदर राष्ट्रीय ध्वज पर नमाज अदा करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। मोहम्मद तारिक अजीज के रूप में पहचाने जाने वाले व्यक्ति को उसी दिन जमानत पर रिहा कर दिया गया था।

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बता दें कि असम के रहने वाले मोहम्मद तारिक अजीज फ्लाइट 6ई24 से दुबई से आए थे और उन्हें इंडिगो फ्लाइट 6ई 5398 से दीमापुर जाना था। उन्होंने भारतीय राष्ट्रीय ध्वज को फर्श पर फैलाया और उस पर खड़े होकर उन्होंने बोर्डिंग गेट 1 और 3 के बीच नमाज पढ़ी। उसकी गतिविधियों को संदिग्ध और अवांछनीय पाया गया। अजीज को पहले केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के कर्मियों ने हिरासत में लिया, जो देश भर के हवाई अड्डों पर सुरक्षा का प्रबंधन करता है और बाद में दिल्ली पुलिस को सौंप दिया गया।

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दिल्ली पुलिस द्वारा राष्ट्रीय सम्मान के अपमान की रोकथाम अधिनियम, 1971 के तहत मामला दर्ज किया गया। यह एक जमानती अपराध है। दिल्ली पुलिस ने अजीज का पासपोर्ट, उसके बोर्डिंग पास की एक फोटोकॉपी और तिरंगा भी जब्त कर लिया। एक सूत्र के अनुसार, हवाईअड्डा कर्मियों द्वारा जांच के दौरान अजीज के कृत्य के बारे में पूछे जाने पर वह संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। डीसीपी के अनुसार, अजीज को सीआरपीसी की धारा 41 के तहत नोटिस दिए जाने के बाद रिहा किया गया था। यह नोटिस एक पुलिस अधिकारी के सामने पेश होने के लिए दिया जाता है जब किसी व्यक्ति की गिरफ्तारी की आवश्यकता नहीं होती है, लेकिन उसके खिलाफ उचित शिकायत की गई है। यदि इस आदेश का पालन नहीं किया जाता है, तो पुलिस व्यक्ति को गिरफ्तार कर सकती है।