असम के दरांग जिले में 13 वर्षीय लड़की से बलात्कार और उसकी हत्या मामले में आरोपियों को बचाने के आरोप में असम पुलिस सेवा के एक निलंबित अधिकारी और तीन सरकारी डॉक्टरों को गिरफ्तार किया गया है। सीआईडी ने यह जानकारी दी। लड़की एक घर में घरेलू सहायिका के रूप में काम करती थी और वहीं पर उसका शव लटका हुआ मिला था।

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अगस्त में निलंबित किए गए दरांग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) रूपम फुकन को कर्तव्य में लापरवाही बरतने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। अपराध जांच विभाग (सीआईडी) की एक विज्ञप्ति में कहा गया है कि पीड़िता के शव का पहला पोस्टमार्टम करने वाले मंगलदाई सिविल अस्पताल के तीन डॉक्टरों अरुण चंद्र डेका, अजंता बोरदोलोई और अनुपम शर्मा को भी लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया। लड़की के शव को बाहर निकालकर दूसरा पोस्टमार्टम किया गया था।

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गिरफ्तार किए गए अतिरिक्त एसपी और दरांग के तत्कालीन पुलिस अधीक्षक (एसपी) के घरों की भी तलाशी ली जा रही है। किशोरी का शव दरांग जिले के धुला थाना क्षेत्र में एक घर में लटका हुआ मिला था, जहां वह काम करती थी। जिस घर में वह काम करती थी, उसके मालिक-मालकिन को तभी गिरफ्तार कर लिया गया था। हालांकि पीड़िता के परिवार ने आरोप लगाया कि पुलिस मामले की ठीक से जांच नहीं कर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने 12 अगस्त को सोनितपुर जिले में लड़की के परिवार से मुलाकात की थी, जिसके तुरंत बाद दरांग के एसपी राजमोहन रे, अतिरिक्त एसपी रूपम फुकन और धुला थाने के तत्कालीन प्रभारी उत्पल बोरा को निलंबित कर दिया गया था। बोरा को सीआईडी पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।