निचले असम के गोलपारा जिले के लखीपुर इलाके में जंगली हाथियों के झुंड के हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत हो गई। पीड़ितों की पहचान मोमिन अली (85), जहुरा बीबी (80) और समीरन बीबी (55) के रूप में हुई है, जो सालबारी भाग II गांव के हैं। बता दें कि जंगली हाथियों के झुंड ने गांव में कई घरों को तबाह कर दिया। 

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लखीपुर के वन रेंज अधिकारी ध्रुबा दत्ता ने कहा कि पिछले एक महीने से हाथी धमार बील आर्द्रभूमि में और उसके आसपास घूम रहे थे और गर्मियों के धान को भी खा रहे थे। उन्होंने कहा कि हाल ही में जल स्तर बढ़ने के कारण धमार बील आर्द्रभूमि से लगभग 42 हाथियों का झुंड निकला है। वन अधिकारियों ने कहा कि धामार बील से गांव सालबारी भाग II गांव में उच्चभूमि और भोजन की तलाश में हाथी आए थे। दत्ता ने कहा कि कुछ दिन पहले कुशापाकरी गांव में हाथियों के झुंड ने आर्द्रभूमि से 14-15 किमी की दूरी पार की और 15 वर्षीय लड़के को कुचल दिया।

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राज्य वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। गोलपाड़ा के डीएफओ (क्षेत्रीय) जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस साल लखीपुर में हाथियों के हमले से मरने वालों की संख्या छह हो गई है। हमारे पास उपलब्ध जानकारी के अनुसार, हाथियों के झुंड के घुसते ही पड़ोसी परिवार गांव से भाग गए, लेकिन पीड़ित परिवार नहीं बच पाया। वन अधिकारियों ने कहा कि वृद्धावस्था के कारण मोमिन अली और उनकी पत्नी जहुरा बीबी अपना घर नहीं छोड़ सकते। उनकी बेटी समीरन बीबी की भी मौके पर ही मौत हो गई।