असम में बाढ़ की स्थिति अभी भी काबू से बाहर है। इस बीच कछार जिले में दो और लखीमपुर-नगांव में एक व्यक्ति की मौत हुई। ऐसे में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 14 लोगों की मौतें हो चुकी हैं। वहीं राज्य के 34 जिलों में से 29 में करीब 7.12 लाख लोग प्रभावित हुए हैं।

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वहीं, 29 प्रभावित जिलों के 2,251 गांवों में कुल 80036.90 हेक्टेयर फसल क्षेत्र प्रभावित हुआ है। 74,705 से अधिक लोगों ने 234 राहत शिविरों में शरण ली है। बाढ़ से बारपेटा, विश्वनाथ, बोंगाईगांव, कछार, चराईदेव, दरांग, धेमाजी, धुबरी, डिब्रूगढ़, दीमा हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, कोकराझार, लखीमपुर, माजुली, मोरीगांव, नगांव, नलबाड़ी, सोनितपुर, दक्षिण सालमार, तिनसुकिया और उदलगुरी जिले प्रभावित हुए हैं। 

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पिछले दो दिनों में भारतीय वायु सेना की मदद से कुल 269 फंसे हुए लोगों को बचाया गया है, जबकि 24 मीट्रिक टन खाद्य सामग्री सबसे बुरी तरह प्रभावित दीमा हसाओ जिले में पहुंचाई गई है। राज्य सरकार ने प्रभावित लोगों को राहत जारी करने के लिए कछार और दीमा हसाओ जिले में प्रत्येक को अतिरिक्त 2 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। यूनिसेफ ने बाढ़ राहत कार्यों की निगरानी के लिए कछार, होजई, दरांग, विश्वनाथ, नगांव, मोरीगांव और दीमा हसाओ के आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों का समर्थन करने के लिए तकनीकी विशेषज्ञों और सलाहकारों की सात टीमों को तैनात किया है। असम आपदा प्रबंधन प्राधिकरण भी स्थिति अधिक गंभीर होने पर प्रतिक्रिया को और मजबूत करने के लिए आस-पास के राज्यों से आपदा प्रतिक्रिया बलों को बढ़ाने पर विचार कर रहा है।