पूर्वोत्तर राज्य असम में बाढ़ और भूस्खलन से अब तक 26 लोगों की मौत हो चुकी है। वहीं 17 जिलों में बाढ़ से करीब 5.8 लाख लोग प्रभावित हुए हैं। हालांकि अब बाढ़ की स्थिति में धीरे धीरे सुधार हो रहा है। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एएसडीएमए) की दैनिक बाढ़ रिपोर्ट के अनुसार नागांव के कामपुर और कछार जिलों के उदरबोंड में एक-एक व्यक्ति की मौत हो गई।

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एएसडीएमए ने कहा कि कछार, दरांग, दीमा हसाओ, गोलपारा, गोलाघाट, हैलाकांडी, होजई, जोरहाट, कामरूप, कामरूप मेट्रोपॉलिटन, कार्बी आंगलोंग पश्चिम, करीमगंज, लखीमपुर, मोरीगांव, नागांव, नलबाड़ी में 5,80,100 से अधिक लोग अभी भी बाढ़ से प्रभावित हैं। 3.46 लाख से अधिक लोगों के साथ नगांव सबसे ज्यादा प्रभावित है, इसके बाद कछार में लगभग 1.78 लाख लोग और मोरीगांव में 40,900 से अधिक लोग प्रभावित हैं। शनिवार तक राज्य के 22 जिलों में आई बाढ़ से 6.5 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए थे।

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एएसडीएमए ने एक अलग प्रेस विज्ञप्ति में कहा कि राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के रवीश कुमार के नेतृत्व में छह सदस्यीय अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय टीम 27 और 28 मई को कछार, दीमा हसाओ, दरांग, नागांव और होजई जिलों का दौरा करेगी। एएसडीएमए ने कहा कि इस समय 1,374 गांव पानी में डूबे हुए हैं और पूरे असम में 64,098.92 हेक्टेयर फसल क्षेत्र को नुकसान पहुंचा है। एएसडीएमए ने कहा कि बारपेटा, विश्वनाथ, धुबरी, करीमगंज, नलबाड़ी, शिवसागर, सोनितपुर, तिनसुकिया और उदलगुरी जिलों में बड़े पैमाने पर कटाव देखा गया है। ब्रह्मपुत्र की सहायक नदी कोपिली धरमतुल और कामपुर में खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। बारपेटा, नलबाड़ी, डिब्रूगढ़, कछार, दीमा हसाओ, गोलपारा, हैलाकांडी, होजा, करीमगंज, मोरीगांव, नगांव और उदलगुरी में बाढ़ के पानी से तटबंध, सड़कें, पुल और अन्य बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।

एएसडीएमए ने कहा कि नौ जिलों में बाढ़ से कुल 3,09,406 घरेलू जानवर और कुक्कुट प्रभावित हुए हैं।अधिकारी 12 जिलों में 528 राहत शिविर और वितरण केंद्र चला रहे हैं, जहां 18,107 बच्चों सहित 81,712 लोगों ने शरण ली है। उन्होंने 1,457.41 क्विंटल चावल, दाल और नमक, 6,747.07 लीटर सरसों का तेल, 9,161.8 क्विंटल पशु चारा और अन्य बाढ़ राहत सामग्री वितरित की है। एएसडीएमए बुलेटिन में कहा गया है कि मौजूदा बाढ़ और भूस्खलन की स्थिति से निपटने के लिए बराक घाटी जिलों को आपातकालीन संचार उद्देश्यों के लिए 20 मेगा फोन उपलब्ध कराए गए हैं।