असम पुलिस ने सोमवार को कहा कि वह गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत नागांव जिले के एक पुलिस थाने में आग लगाने के आरोपी छह लोगों में से पांच के खिलाफ मामला दर्ज करेगी।

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पुलिस के मुताबिक सलोनाबोरी गांव के एक मछली बेचने वाले के शराब पीने के कारण पुलिस उसे थाने ले गई थी।  अगले दिन पुलिस ने कहा कि शख्स की पत्नी उसे लेकर अस्पताल गई और वहां उसकी मौत हो गई। हालांकि परिवार का कहना है कि जब वे अस्पताल पहुंचे तो शख्स की मौत हो चुकी थी। असम पुलिस के डीजीपी के मुताबिक शख्स को उसकी पत्नी के हवाले किया गया था और उन्होंने उसे खाना पानी भी दिया था। लेकिन बीमार होने की शिकायत के बाद उसे अस्पता ले जाया गया था। वहीं इस्लाम के परिवार का कहना है कि पुलिस ने उन्हें छोड़ने के लिए 10 हजार रुपये मांगे थे।

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नागांव की एसपी लीना डोले ने बताया की वीडियो फुटेज में मृतक की पत्नी और नाबालिग बेटी को थाने में आग लगाते देखा गया था। गिरफ्तार किए गए अन्य लोग भी (मृतक के) रिश्तेदार हैं। डोले ने कहा कि नाबालिग को किशोर न्याय के नियमों के तहत गिरफ्तार किया गया है। डोले ने कहा कि घटना के बाद तीन मामले दर्ज किए गए। पहला सफीकुल की हिरासत में मौत के संबंध में अप्राकृतिक मौत का मामला, थाने में आगजनी का मामला और एक यूएपीए मामला।