त्रिपुरा में गोमती जिले के उदयपुर के राजारबाग इलाके में एक मानसिक रूप से विक्षिप्त महिला को बच्चा चोरी करने वाले गिरोह में शामिल होने के आरोप में स्थानीय लोगों ने बुरी तरह पीटा। इस तरह के आरोप पर पिछले दो दिन में राज्य में इस तरह के हमले की तीसरी घटना है। पुलिस के अनुसार, त्रिपुरा में बच्चा चोरी की कोई घटना नहीं हुई है, लेकिन बच्चा चोरी की अफवाह राज्य में कानून-व्यवस्था के लिए चिंता का विषय बना गया है। 

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बच्चा चोरी, गाय चोरी और मानव अंग चोरी करने वाले गिरोहों की अफवाह के कारण राज्य में पिछले कुछ वर्षों में (पीट पीट कर मारने) मॉब लिंचिंग एक नया खतरा बन गया है। त्रिपुरा में 2018 से अबतक मॉब लिंचिंग के कारण कम से कम 10 लोगों की मौत हो चुकी है और आखिरी मौत शुक्रवार को पूर्वी अगरतला के जिरानिया में हुई थी, जहां एक अज्ञात व्यक्ति की हत्या कर दी गई। इस मामले में एक ही परिवार के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शनिवार और रविवार को कथित रूप से बच्चा चोरी की दो घटनाएं सामने आईं, जिसमें तीन लोगों के साथ दुर्व्यवहार किया गया और मानसिक रूप से विक्षिप्त एक महिला को बुरी तरह पीटा गया। बाद में हालांकि पुलिस ने महिला को बचाया और अस्पताल ले जाया गया लेकिन अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। एक अन्य घटना में स्थानीय लोगों ने दक्षिण त्रिपुरा के शांतीरबाजार रेलवे स्टेशन पर बच्चा चोरी में शामिल होने के संदेह में तीन लोगों को पकड़ लिया। 

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बाद में पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और पूछताछ के दौरान पता चला कि उन तीन लोगों में से एक उत्तरी त्रिपुरा का निवासी है और राजमिस्त्री का काम करता है। वह अपने दो असमिया दोस्तों के साथ शनिवार को एक ग्राहक से पैसे लेने आया था। उनके बयान की पुष्टि होने के बाद पुलिस ने उन्हें अगरतला जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। जिरानिया में शुक्रवार की सुबह एक संदिग्ध चोर की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या करने के आरोप में पुलिस ने तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। एक अज्ञात व्यक्ति पर एक महीने से अगरतला और उसके आसपास के इलाकों में डकैती डालने का आरोप है और वह कथित रूप से देर रात एक घर में घुस गया था।