दिल्ली के निजामुद्दीन जमात कांड के बाद से देश में कोरोना के मरीजों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। जमात के बाद सारे जमाती पूरे देश में फैल गए। इसी तरह से बिहार में हुए तब्लीगी जमात के कार्यक्रम ने राज्य सरकार की हलक में जान अटका दी है। दरअसल 14 और 15 मार्च को नालंदा जिले के बिहारशरीफ के शेखना मस्जिद में हुए एक जमात में तकरीबन 640 लोग शामिल हुए थे। यह सूचना के आने के बाद एक साथ नालंदा और दरभंगा जिला प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं।

वैसे जानकारी दे दें कि दरभंगा में एक भी कोरोना पॉजिटिव मरीज नहीं मिला है। लेकिन जिला प्रशासन और लोगों की परेशानी नालंदा जिला प्रशासन द्वारा भेजे गए एक पत्र ने बढ़ा दी है। इस गोपनीय पत्र में बताया कि 14 और 15 मार्च को नालंदा जिले के बिहारशरीफ के शेखना मस्जिद में हुए एक जमात में तकरीबन 640 लोग शामिल हुए थे, जिसमें दरभंगा के भी 12 लोग शामिल हुए थे। उन्हें दरभंगा पुलिस ने चिह्नित कर लिया है।
और कोरोना वार्ड में आईसोलेशन में रखा है। जानकारी के लिए बता दें कि नालंदा समाहरणालय बिहारशरीफ जिला गोपनीय शाखा से जारी 12 अप्रैल को पत्र संख्या 2278 के जरिए प्रधान सचिव आपदा प्रबंधक विभाग पटना को सूचित किया गया था। इसमें बताया गया है कि बिहारशरीफ स्थित शेखना मस्जिद में सम्मेलन में भाग लेने वाले नवादा जिले के एक व्यक्ति के संपर्क में आने वाले एक व्यक्ति में कोरोना वायरस का संक्रमण पाया गया है। उसके बाद बिहार प्रशासन ने दरभंगा से गए 12 जमातियों की सूची दरभंगा प्रशासन को भेजा है जिसके बाद यहां कारवाई की गई है।