देश का सबसे बड़ा सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) अपने ग्राहकों को बड़ा तोहफा दिया है. एसबीआई ने ग्राहकों को 3-in-1 अकाउंट की सुविधा दी है जो बचत खाते (Saving Account), डीमैट खाते (Dmat Account) और ट्रेडिंग खाते (Trading Account) को जोड़ता है. इस अकाउंट से ग्राहकों को पेपरलेस और आसान ट्रेडिंग में मदद मिलेगी. ग्राहकों को ये सारी सुविधा एक ही अकाउंट के साथ मिलती है. एसबीआई ने ट्वीट कर यह जानकारी दी है.

हाल ही में, एसबीआई ने अपने आधिकारिक ट्विटर हैंडल से ट्वीट में कहा, 3-इन-1 की शक्ति का अनुभव करें! एक ऐसा खाता जो आपको एक सरल और पेपरलेस ट्रेडिंग अनुभव प्रदान करने के लिए बचत खाते, डीमैट खाते और ट्रेडिंग खाते को जोड़ता है. अधिक जानने के लिए, यहां जाएं- https://bank.sbi/web/personal-banking/investments-deposits/stocks-securities/3-in-1-account

डॉक्युमेंट्स

अगर आप एसबीआई का 3 इन 1 अकाउंट खोलना चाहते हैं तो आपके पास कुछ जरूरी दस्तावेज होने चाहिए. बचत खाते के लिए ये जरूरी दस्तावेज होने चाहिए-

1. पैन कार्ड या फॉर्म 60 (PAN or Form 60)

2. फोटोग्राफ

3. ऑफिशियल वैलिड डॉक्युमेंट्स (OVD) जैसे- पासपोर्ट (Passport), आधार (Aadhar), ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License), वोटर आईडी कार्ड (Voter ID Card), मनरेगा द्वारा जारी जॉब कार्ड (MNREGA Job Card) और राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर द्वारा जारी पत्र जिसमें नाम और पते का डिटेल हो.

जरूरी दस्तावेज-

पासपोर्ट साइज फोटोग्राफ

पैन कार्ड कॉपी

आधार कार्ड कॉपी

एक कैसिंल चेक या लेटेस्ट बैंक स्टेटमेंट

ई-मार्जिन फैसिलिटी

इस संबंध में ट्रेडर्स को ई-मार्जिन सुविधा के बारे में भी पता होना चाहिए. यह ध्यान दिया जाना चाहिए कि इस सुविधा के तहत, कोई भी कम से कम 25 प्रतिशत मार्जिन के साथ ट्रेड कर सकता है और जरूरी मार्जिन प्राप्त करने के लिए कैश या कोलैटरल का उपयोग करके 30 दिनों तक की स्थिति को आगे बढ़ा सकता है.

उठाएं लाभ

खाते का लाभ उठाने के लिए, इच्छुक ग्राहकों को कुछ सरल चरणों का पालन करना होगा. वे इस प्रकार हैं-

Step 1: एसबीआई सिक्योरिटीज वेब प्लेटफॉर्म के माध्यम से ट्रेडिंग खाते में लॉग इन करें.

Step 2: ऑर्डर प्लेसमेंट (खरीदें / बेचें) मेनू पर जाएं.

Step 3: ऑर्डर देते समय प्रोडक्ट टाइप को ई-मार्जिन के रूप में चुनें.

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक व्यक्ति SBI की आधिकारिक वेबसाइट bank.sbi पर लॉग इन कर सकते हैं.

बढ़ाई ब्याज दरें

SBI ने बड़ा फैसला लेते हुए बेस रेट में 0.10 फीसदी की बढ़ोतरी की है. बैंक की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के मुताबिक ये 0.10 फीसदी बढ़कर 7.55 फीसदी हो गई है. किसी बैंक का बेस रेट वह मिनिमम रेट है जिसके नीचे कोई भी बैंक किसी व्यक्ति या संस्था को लोन नहीं दे सकता. बेस रेट वह दर है जिस दर को बैंक अपने कस्टमर के लिए लागू करता है. कुछ यूं कहें तो बैंक जिस रेट पर कस्टमर को लोन देते हैं, वही बेस रेट है.