आज हम आपको एक ऐसे कुत्ते के बारे में बताने जा रहे हैं जो किसी परिवार के किसी बेटे-बेटी जैसा कर्तव्य निभा रहा है। इसे हर रोज घर के अन्य सदस्यों की तरह परिवार चलाने के लिए वही मेहनत करनी होती है, जैसा घर के अन्य सदस्य करते हैं। घर-परिवार चलाने की जो जिम्मेदारी घर के सदस्यों की बनती है, ठीक वही जिम्मेदारी यह वफादार साथी भी निभा रहा है।


इस कुत्ते का काम देखकर आपका दिल भी पिघल जाएगा। यह कुत्ता भारत के आखिरी राज्य नागालैंड का है। इस सुदुरवर्ती राज्य के सुदुरवर्ती नागालै वोखा जिला के यीम्पांग गांव में इस स्वामीभक्त श्वान की सेवा का अद्भुत नजारा देखा जा सकता है।


इस पालतू कुत्ते का नाम है रामू, जो अपने मालिक के साथ सोता से पानी से भरी चार बोतलों को अपनी पीठ पर बने एक डीआईवाई बेग में भरकर हर दिन लेकर आता हैं। रामू अपने मालिक के परिवार का एक सदस्य की तरह हैं। मालिक योंगतौ मेतमे ने अपने रामू के इस काम की फोटो और एक वीडियो इन्स्टाग्राम पर साझा की है। रामू और योंगतौ दोनों साथ-साथ अपने घर के लिए गांव से दूर एक प्राकृतिक सोते से रोज पानी लाते हैं।

रामू अपनी पीठ पर रोज चार बोतले पानी की लाद कर अपने मालिक के पीछे-पीछे चलकर पहाड़ी के ऊपर घर को लाता हैं। यीम्पांग गांव के लोग पानी के लिए पहाड़ी के नीचे प्राकृतिक सोते पर निर्भर हैं। गांव के लोग पानी के लिए रोज पहाड़ी के नीचे उतरते हैं। अपने मालिक के साथ रामू भी रोज 4-5 किलोमीटर का चढ़ाई और ढलान वाले रास्ते से घर के लिए पानी भरने के काम में लग जाता हैं। रामू अपनी पीठ पर पानी की चार बोतले लाद कर चलते हुए गांव के लोगों के दिल जीत लेता है।