उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath) मंगलवार को बदायूं के सहसवान क्षेत्र में एक जनसभा को संबोधित करेंगे और जिले के लिये 770 करोड़ की परियोजनाओं का लोकपर्ण/शिलान्यास करेंगे। वर्ष 2017 के विधानसभा चुनाव (Assembly election) में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने जिले की छह विधानसभा सीटों में से पांच पर कब्जा किया था मगर सहसवान में उसे समाजवादी पार्टी (SP) से हार का सामना कर मायूस होना पड़ा था। 

सहसवान को सपा के अभेद किले के तौर पर जाना जाता है। 1993 से सपा का इस सीट पर दबदबा रहा है। 2007 के विधान सभा चुनाव मे सपा के ओमकार सिंह यादव को बाहुबली डी पी यादव ने 109 वोट के मामूली से अंतर से हराया था। ओमकार सिंह यादव 1991 मे पहली बार जनता दल से विधायक बने। 

1993 मे सपा के मीर मजहर अली ने ओमकार सिंह को चुनाव हराया। ओमकार सिंह सपा मे आ गए और 1997, 2002,2012,2017 मे सपा से विधायक बने। 1996 मे मुलायम सिंह यादव (Mulayam singh yadav) ने भी सहसवान से चुनाव लड़ा और बीजेपी के महेश चंद्र गुप्ता से 54159 के भारी अंतर से चुनाव जीता। 1996 से अभी तक बीजेपी कभी इस सीट पर दूसरे पायदान पर भी नही रही। महेश चंद्र गुप्ता वर्तमान मे बदायूं सदर सीट से विधायक है और नगर विकास राज्य मंत्री है। 

सहसवान सीट यादव और मुस्लिम बाहुल्य सीट है। 2012 मे बीजेपी ने सहसवान से मुस्लिम प्रत्याशी उतारा। बीजेपी के शकील आलम सैफी को मात्र एक फीसदी (2238) वोट मिला था लेकिन उत्तर प्रदेश मे बीजेपी से अकेले मुस्लिम प्रत्याशी होने की वजह से सैफी मीडिया की सुर्खियों मे रहे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) उत्तर प्रदेश की किसी भी सीट पर किसी भी पार्टी को वॉक ओवर नहीं देना चाहते है। 

बीजेपी जिला अध्यक्ष, बदायूं राजीव गुप्ता ने बताया कि ये कार्यक्रम केवल सहसवान विधान सभा के लोगों के लिए ही है। हमारे कार्यकर्ता बूथ तक जा रहे है।मंडल का प्रभावी कार्यकर्ता सहसवान विधान सभा के प्रत्येक बूथ पर प्रवासी के रूप मे नियुक्त किया गया है। शक्ति केंद्र संयोजक, बूथ अध्यक्ष और बूथ समितियाँ प्रत्येक बूथ से लोगो को कार्यक्रम स्थल तक लाने मे नियुक्त की गयी है। यही हमारा लक्ष्य है।कार्यकर्ता और मौसम दोनों का हमे भरपूर साथ मिल रहा है। कल मुख्यमंत्री 770 करोड़ की परियोजनाओं का लोकपर्ण/शिलान्यास करेंगे।