लखनऊ। उत्तर प्रदेश (UP) में गरीबों को मकान देने का श्रेय लेने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) और पूर्व मुख्यमंत्री मायावती (Former Chief Minister Mayawati) के बीच ट्विटर पर रविवार को शब्दों के खूब तीर चले। बहुजन समाज पार्टी (BSP) की अध्यक्ष मायावती ने योगी के गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ में रहने के लिये बंगला होने का आरोप लगाया, वहीं योगी के कार्यालय ने इसके जवाब में गोरखधाम (Gorakhdham) को सामाजिक न्याय का केन्द्र बताते हुये मायावती को मठ में आने का न्यौता तक दे दिया। 

योगी के कार्यालय की ओर से ट्विटर पर मायावती को दिये जवाब में कहा गया, 'बहन जी, बाबा गोरखनाथ जी (Gorakhnath ji) की तपोभूमि गोरखपुर स्थित श्री गोरक्षपीठ में ऋषियों-संतों एवं स्वतंत्रता आंदोलन के क्रांतिवीरों की स्मृतियों को संजोया गया है। हिन्दू देवी-देवताओं के मंदिर हैं। 'सामाजिक न्याय' का यह केन्द्र सबके कल्याण हेतु अहर्निश क्रियाशील है। कभी आइए, शांति मिलेगी।' 

गौरतलब है कि योगी और मायावती के बीच ट्विटर पर आरोप प्रत्यारोप का दौर रविवार को बसपा सुप्रीमो के एक ट्वीट से शुरु हुआ। इसमें मायावती ने सपा बसपा सरकारों में मुख्यमंत्रियों द्वारा अपने लिए मकान बनवाये जाने और भाजपा सरकार (BJP Government) में गरीबों के लिए मकान बनाये जाने के योगी के आरोप का जवाब देते हुये कहा था कि गोरखपुर में मुख्यमंत्री योगी के रहने के लिये मठ में बंगला बना है। 

मायावती ने अपने ट्वीट में कहा था, 'शायद पश्चिमी यू.पी. की जनता को यह मालूम नहीं है कि गोरखपुर में योगी जी का बना मठ जहां वो अधिकांश निवास करते हैं, वो कोई बड़े बगंले से कम नहीं है। यदि इस बारे में भी यह बता देते तो बेहतर होता।' योगी के कार्यालय ने पूर्ववर्ती सरकारों में राजकीय संसाधनों के दुरुपयोग का भी आरोप लगाते हुये किसी मुख्यमंत्री का नाम लिये बिना कहा, 'एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (Chief Minister Yogi Adityanath) जी महाराज ने कोरोना काल में सरकारी विमान को प्रदेशवासियों के जीवन की रक्षा हेतु समर्पित किया। वहीं, दूसरी तरफ व्यक्तिगत वैभव के लिए राजकीय संसाधनों का दुरुपयोग करते हुए सरकारी विमान से सैंडल मंगवाया गया था। फर्क साफ है।'