2022 में होने वाले यूपी विधानसभा चुनाव की तैयारी में भाजपा जुट गई है।  अब पार्टी चुनाव से पहले नाराज़ कार्यकर्ताओं को साधने में जुटी है, जिसके तहत अब मंत्रियों को जिलों में प्रवास कर कार्यकर्ताओं के साथ संवाद स्थापित करने के साथ-साथ अब एक और बड़ा फैसला किया गया है।  इस फैसले के तहत बीजेपी कार्यकर्ताओं पर दर्ज मुकदमे वापस होंगे। 

सपा और बसपा सरकार में आंदोलन और धरना प्रदर्शन के वक्त राजनीतिक और फर्जी मुकदमे वापस लिए जाएंगे।  सपा और बसपा शासन में दर्ज 5000 से अधिक मुकदमे वापस लिए जाएंगे।  जुलाई तक बाकी केस वापस लेने की कवायद शुरू होगी. बीएल संतोष के साथ बैठक में कई पार्टी के बड़े पदाधिकारियों ने ये मुद्दा उठाया था, जिसके बाद ये फैसला लिया गया है। 

इस मुद्दे पर कानून मंत्री ब्रिजेश पाठक ने कहा है कि ये सतत प्रक्रिया है।  ऐसे मुक़दमे को राजनीतिक द्वेष की वजह से या आंदोलन के चलते दर्ज किए गए थे। उनका परीक्षण कर हम ऐसे मुक़दमे वापस ले रहे है और आगे भी ये प्रक्रिया जारी रहेगी। यूपी सरकार इसके पहले भी अपनी पार्टी के नेताओं मंत्रियों और कार्यकर्ताओं के मुकदमे वापस लेने को लेकर न्याय विभाग से रिपोर्ट मांगी थी। सरकार चुनाव से पहले कार्यकर्ताओं को खुश करना चाहती है।