उत्तर प्रदेश के हाथरस में दलित युवती के साथ रेप और क्रूर हत्या के मामले में प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ ने चुप्पी तोड़ी है। योगी आदित्यनाथ ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि माताओं-बहनों के सम्मान-स्वाभिमान को क्षति पहुंचाने वाले का समूल नाश सुनिश्चित है। उन्होंने प्रदेश के लोगों को आश्वासन दिया है कि उनकी सरकार प्रत्येक माता-बहन को सुरक्षा और विकास देने के लिए संकल्पबद्ध है। 

उधर, पुलिस के सख्त पहरे से परेशान उत्तर प्रदेश में हाथरस के बूलगढ़ी गांव के लोगों ने जिला प्रशासन पर दबंगई का आरोप लगाया है वहीं तृणमूल कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के साथ पुलिस प्रशासन ने धक्का मुक्की की जिसके विरोध में धरना शुरू हो गया। ग्रामीणों का कहना है कि जिला प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों ने उन्हे घरों में कैद कर दिया है और उनके मोबाइल फोन जब्त कर लिये हैं। पीड़िता के परिजनों को बाहर निकलने से मनाही है। पुलिस और प्रशासन के खौफ से ग्रामीण सहमे हुये हैं। पुलिस की नजरों से बचकर गांव से बाहर निकले एक ग्रामीण ने पत्रकारों को बताया कि पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने ग्रामीणों के मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिये है। 

अधिकारियों का कहना है कि ग्रामीण पीड़िता के परिवार और प्रशासन के बीच की बातचीत सोशल मीडिया में वायरल कर रहे हैं। पीड़ित ग्रामीण ने बताया कि पीड़िता के परिजन मीडिया से बात करना चाहते है जिसकी इजाजत जिला प्रशासन उन्हे नहीं दे रहा है। पीड़िता के एक परिजन को एक प्रशासनिक अधिकारी ने लात मार दी जिससे वह चंद सेकेंड के लिये मूर्छित हो गये। उसने बताया कि जिलाधिकारी प्रवीण कुमार लक्षकार ने पीड़िता के परिजनो को पत्रकारों से कुछ भी बताने से मना किया है और कहा है कि यह सब पत्रकार कुछ समय बाद वापस चले जायेंगे और फिर जिला प्रशासन ही उनकी खैर खबर रखेगा। इसलिये अच्छा है कि प्रशासन के साथ मिलकर चलें।