यूपी सरकार बहुत तगड़े एक्शन में आ रखी है। योगी सरकार ने सरकारी योजनाओं के मुफ्तखोरों को लेकर बड़ा फैसला लिया है। दरअसल में, राज्य में अपात्र राशन कार्ड धारकों के कार्ड निरस्त किए जा रहे हैं, इसी के साथ अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि किसी भी जरूरतमंद का राशन बंद नहीं होना चाहिए और अगर बंद कर दिया जाता है तो अफसरों के खिलाफ सख्ती से कार्रवाई की जा सकती है।

सीएम योगी ने दिए निर्देश


सरकार का कहना है कि अपात्र लोगों के मुफ्त राशन योजना का लाभ उठाने से आम गरीब परिवारों को योजनाओं से वंचित रहना पड़ जाता है। सरकार की तरफ से लोगों को चेतावनी दी गई है कि अगर अपात्र के पास राशन कार्ड है तो उसे सरेंडर कर दें। ऐसा नहीं करने पर उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई हो सकती है।


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हर जरूरतमंद को मिले राशन

राशन कार्ड को लेकर निर्देश जारी करते हुए सीएम योगी ने अधिकारियों से कहा है कि राज्य के सभी जिलों में कम से कम तीन स्तर की जांच की जांच की जाए। जांच के बाद अपात्र लोगों के राशन कार्ड निरस्त किए जाएं। अगर किसी भी जरूरतमंद का राशन कार्ड निरस्त होता है तो इसके जिम्मेदार अधिकारी होंगे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी जरूरतमंदों को मानक के मुताबिक राशन मिलना चाहिए।


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इन लोगों के निरस्त होंगे राशन कार्ड-


- जिनका परिवार इनकम टैक्स देता है।
- परिवार में चार पहिया वाहन (कार से लेकर ट्रैक्टर तक शामिल) हैं।
- खेती किसानी के लिए प्रयोग में लाया जाने वाला हार्वेस्टर हो।
- घर में एयरकंडीशन हो।
- घर में 05 किलोवाट या अधिक का जनरेटर सेट हो।
- परिवार में किसी के नाम 05 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि।
- परिवार में एक से अधिक शस्त्र लाइसेंस।
- सरकारी लाभ जैसे पेशनभोगी।
- संविदा की नौकरी।
- शहरी या ग्रामीण क्षेत्रों में 100 वर्ग मी. में बना पक्का मकान नहीं होना चाहिए।
- 80 वर्ग मीटर के व्यवसायिक स्थान वाले राशन कार्ड के लिए अपात्र होंगे।
- शहरी क्षेत्र के परिवार की 3 लाख से अधिक वार्षिक आय वाले अपात्र।