असम एनआरसी को लेकर सरकार को योग गुरू बाबा रामदेव का समर्थन मिला।  बाबा ने कहा कि देश में तीन से चार करोड़ लोग अवैध तरीके से रह रहे है। साथ ही उन्होंने कहा कि देश में गलत तरीके से आए रोहिंग्याओं ने और स्थिति बिगाड़ दी है। इन रोहिंग्याओं को गलत तरीके ट्रेनिंग दी गई है। अगर ये भी यहां बस गए तो भारत में 10 कश्मीर और तैयार हो जाएंगे।

इतना ही बाबा रामदेव ने देश में अवैध तरीके से रह रहे लोगों को बाहर करने की पैरवी की है। उन्होंने कहा है कि इन बाहरी लोगों के रहने से देश के संसाधनों पर बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। वहीं इसका खामियाजा स्थानीय निवासियों को भुगतना पड़ रहा है।रामदेव ने देश में अवैध तरीके से रह रहे रोहिंग्याओं को वापस उनके देश भेजने की भी बात कही है।





आपको बता दें कि पड़ोसी मुल्म म्यांमार के रखाइन प्रांत में रोहिंग्याओं मुस्लिमों के खिलाफ चलाए गए सैन्य अभियान के बाद ये लोग बॉर्डर क्रॉस कर गलत तरीके से भारत के तटवर्ती जिलों में आकर बस गए हैं। हालांकि रोहिंग्यां लोग सबसे अधिक संख्या में बांग्लादेश में आकर रहने लगे हैं, जिससे वहां हालात बद से बदतर हो गए हैं।

तो वहीं असम के 2,500 एनआरसी सेवा केंद्रों पर शुक्रवार को हजारों लोगों की भीड़ राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (एनआरसी) मसौदे में अपने नाम शामिल नहीं करने के कारणों को जानने के लिए उमड़ पड़ी। इसमें से ज्यादातर सेवा केंद्रों पर लोगों की बड़ी कतारों की वजह से व संभालने के लिए कम कर्मचारी होने से अराजकता की स्थिति पैदा हुई। लोगों ने शिकायत की कि कतार में घंटों इंतजार करने के बाद भी वे दावा व आपत्ति करने का फार्म हासिल नहीं कर सके। असम में एनआरसी मसौदा सूची 30 जुलाई को प्रकाशित हुई। इस सूची से 40 लाख से ज्यादा लोगों के नाम बाहर हैं।