कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा के सोमवार को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद उनके हटने की लग रही अटकलों पर भी विराम लग गया। येदियुरप्पा ने कहा कि मुख्यमंत्री पद छोडऩे का उन पर किसी का दवाब नहीं था। येदियुरप्पा ने अपनी सरकार के दो साल का कार्यकाल पूरा होने के उपलक्ष्य में एक समारोह अपने इस्तीफे की घोषणा की। इसके बाद वह राजभवन गये और राज्यपाल थावरचंद गहलोत को अपना इस्तीफा सौंपा। 

येदियुरप्पा ने यहां राजभवन के द्वार पर संवाददताओं से कहा, 'मैंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उन्होंने उसे स्वीकार कर लिया है।' येदियुरप्पा ने कहा उन्होंने अपनी इच्छा से मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दिया है और मुझ पर केन्द्रीय नेतृत्व को कोई दवाब नहीं था। उन्होंने कहा, 'प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष जगत प्रकाश नड्डा का उन पर कोई दबाव नहीं था। यह मेरा अपना फैसला है। मैंने यह फैसला दूसरे को मुख्यमंत्री बनने का मौका देने के लिए लिया है। मैं एक बार फिर राज्य की जनता को धन्यवाद देता हूं कि उन्होंने मुझे मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने का मौका दिया।'

येदियुरप्पा ने यह भी कहा कि वह पार्टी को मजबूत करने और पार्टी को सत्ता में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। यह पूछे जाने पर कि उनकी जगह कौन लेगा, उन्होंने कहा कि नए मुख्यमंत्री के बारे में फैसला केंद्रीय नेतृत्व पर छोड़ दिया गया है। उन्होंने कहा, 'मैं किसी के नाम का प्रस्ताव नहीं रख सकता। केंद्रीय नेतृत्व जिसे भी नया मुख्यमंत्री बनाएगा, हम सब उनके साथ मिलकर काम करेंगे और अगले चुनाव में पार्टी को फिर से सत्ता में लाएंगे। मुख्यमंत्री के रूप में येदियुरप्पा के हटने के बाद नये मुख्यमंत्री के लिए मीडिया में कई नेताओं के नाम सामने आए हैं। बसंगौड़ा रमनगौड़ा पाटिल, अरविंद बेलाड और मुरुगेश निरानी के नाम सबसे आगे हैं।'

राज्य के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई का नाम भी संभावित मुख्यमंत्री के रूप में शामिल है। अगर केंद्रीय नेतृत्व वोक्कालिगा समुदाय को मौका देने का फैसला करता है तो पूर्व केंद्रीय मंत्री डी वी सदानंद गौड़ा और भाजपा महासचिव सी टी रवि के नाम सामने आ रहे हैं। मंत्री आर आशोक और उप मुख्यमंत्री सी एन अश्वथनारायण भी मुख्यमंत्री की दौड़ में शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'मैं प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री शाह और हमारे राष्ट्रीय पार्टी अध्यक्ष नड्डा के प्रति अपनी गहरी कृतज्ञता व्यक्त करता हूं, जिन्होंने मुझे दो साल तक कर्नाटक के लोगों की सेवा करने का मौका दिया, इसके बावजूद कि मैंने 75 वर्ष की आयु पार कर ली है।' 

एक सवाल के जवाब देते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि जनता दल (एस) और कांग्रेस विधायक जो हाल ही में पार्टी में शामिल हुए और मंत्री बनाए गए हैं, उनके इस्तीफे से उन पर कोई असर नहीं पड़ेगा। श्री येदियुरप्पा ने सभी मंत्रियों से उत्तराधिकारी के साथ सहयोग करने को भी कहा।