राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (एनडीआरएफ) ने भीषण चक्रवाती तूफान यास से निपटने और तैयारियों के मद्देनजर पांच राज्यों और एक केंद्र शासित प्रदेश में 113 टीमों को तैनात किया है। बचाव अभियान के लिए इस तरह की यह अब तक की सबसे बड़ी तैनाती है। इन टीमों को पश्चिम बंगाल, ओडिशा, झारखंड, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु तथा अंडमान और निकोबार द्वीप में तैनात किया गया है।

कुल टीमों में से 104 को जमीन पर तैनात किया गया है, जबकि नौ स्व-निहित टीमें स्थिति से निपटने के लिए राज्यों के भीतर हाई अलर्ट पर हैं। चक्रवात यास ने अपना लैंडफॉल पूरा कर लिया है और यह बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान से कमजोर होकर गंभीर चक्रवाती तूफान में बदल गया है। एनडीआरएफ ने एक बयान में कहा, एनडीआरएफ की ये टीमें राज्य और जिला प्रशासन के समन्वय से चक्रवात के बाद लगातार बचाव और बहाली का काम कर रही हैं। इसने कहा कि चक्रवात की चपेट में आने के बाद क्षेत्र में बारिश से निचले इलाकों में पानी भर गया है। एनडीआरएफ द्वारा कई फंसे लोगों को बचाया गया है।

एनडीआरएफ ने बताया कि इसके कर्मियों ने हाल ही में ओडिशा में एक परिवार के कई सदस्यों को बचाया है, जिनमें तीन सदस्यों के साथ एक शिशु भी शामिल था, जो भारी बारिश के कारण उनका घर ढहने से बचाए गए हैं। एनडीआरएफ ने कहा कि इसके अलावा पश्चिम बंगाल राज्य में सैकड़ों फंसे लोगों को भी बचाया गया है। बयान में कहा गया, तीन लोगों को डूबने से बचाया गया है। एनडीआरएफ ने दोनों राज्यों में स्थानीय प्रशासन के साथ तालमेल कर हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। 

एनडीआरएफ के बयान में कहा गया है, बचाव अभियान अभी भी जारी है क्योंकि चक्रवात की चपेट में आने के बाद बड़ी संख्या में पेड़ और बिजली के खंभे उखड़ गए हैं। तैनात टीमें संचार लाइनों को क्लीयर रखने के लिए उन्हें सडक़ों से हटा रही हैं और अभी भी यह प्रक्रिया जारी है। बचाव दल क्षेत्रों में सामान्य स्थिति लाने के लिए हर संभव प्रयास कर रहे हैं। एनडीआरएफ के महानिदेशक सत्य नारायण प्रधान ने लोगों से स्थिति सामान्य होने तक किसी भी प्रकार की आवाजाही या मूवमेंट नहीं करने को सलाह दी है। साथ ही कहा है कि अपने घरों को लौटने के दौरान लोग उचित एहतियाती कदम उठाएं। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के अनुसार, चक्रवात यास, जो ओडिशा में धामरा और बालासोर के बीच सुबह करीब 9 बजे लैंडफॉल किया और तीन घंटे के बाद कमजोर हो गया। बयान में अगले छह घंटों के दौरान तूफान के उत्तर-उत्तर-पश्चिम की ओर बढऩे और चक्रवाती तूफान में धीरे-धीरे कमजोर होने की संभावना है।