समाज में आज भी लड़कियों को कुछ लोग अभिशाप समझते है, ऐसे ही लोगों ने सात दिन की मासूम बच्ची को अधारताल तालाब के किनारे चुनरी में लपेटकर छोड़ दिया, जहां पर चीटियां बच्ची के शरीर पर चढ़ गई, मासूम का करुण रुदन सुनकर आसपास से गुजर रहे लोगों ने बच्ची को कचरे के बीच पड़े देखा तो पुलिस को सूचना दी, जिसपर मौके पर पहुंची पुलिस ने नवजात को उठाकर तत्काल एल्गिन अस्पताल पहुंचाया, जहां पर उसे भरती कर लिया गया है।  डाक्टरों का कहना है कि बच्ची का नाड़ा कटा हुआ है, जिसे देख ऐसा प्रतीत हो रहा है कि बच्ची 6 से 7 दिन की ही है। 

पुलिस के अनुसार अधारताल तालाब के किनारे कचरे के बीच रात के अंधेरे में अज्ञात व्यक्ति ने लाल चुनरी में नवजात बच्ची को लपेट कर छोड़ दिया, रात भर कचरे के बीच पड़ी बच्ची का करुण रुदन किसी के कानों तक नहीं पड़ा, बल्कि बच्ची के पूरे शरीर को चीटियों ने अपनी चपेट में ले लिया, चीटिंयों के काटने से रो रही बच्ची की आवाज सुनकर आज सुबह के वक्त आसपास से गुजर रहे लोग पहुंच गए, जिन्होने बच्ची को देखा तो स्तब्ध रह गए, उन्होने बच्ची के शरीर पड़ी चीटियां हटाते हुए पुलिस को सूचना दी, इस दौरान आसपास के कई लोग एकत्र हो गए, वहीं पुलिस अधिकारी भी मौके पर पहुंच गए, जिन्होने पूछताछ के बाद नवजात को एल्गिन अस्पताल पहुंचाया। 

जहां पर बच्ची को भरती कर उपचार शुरु कर दिया गया।  लोगों का कहना था कि कचरे के ढेर के पास कुत्तों का झुंड भी मंडराता रहता है, यह तो अच्छा हुआ कि समय रहते बच्ची को उठा लिया गया, नहीं हो गंभीर हालात बन सकते थे।  इधर पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज से यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर बच्ची को किसने यहां पर छोड़ा है, वहीं डाक्टरों का कहना है कि बच्ची का नाटा काटा गया है जिससे तो साफ है कि बच्ची का जन्म 6 से 7 दिन पहले ही हुआ है।