अधिकांश लोगों के मन में 2020 को लेकर बुरे अनुभव ही जुड़े हैं। ऐसे में लोग कह रहे हैं कि उन्होंने साल 2020 जितना बुरा साल कभी नहीं देखा। हालांकि ये पूरा सच नहीं है। क्योंकि दुनिया में 2020 से भी बुरा साल पहले ही आ चुका है जिसमें अंधकार छा गया था और भारी तबाही मची थी।


इतिहासकारों और शोधकर्ताओं के मुताबिक अब तक का सबसे बुरा साल 536 ईस्वी था। 1484 साल पहले सन 536 में पूरी दुनिया अंधकार में डूबी थी। उस साल पूरे 18 महीने तक धरती अंधकार में डूबी हुई थी। एक अजीब सी धुंध ने पूरे यूरोप, मिडिल ईस्ट एशिया और एशिया के अन्य हिस्सों में छाई हुई थी। दिन होता तो था, लेकिन सूरज के दर्शन नहीं होते थे।536 ईस्वी का दौर इतना भयावह था कि दिन में भी लोग अपनी परछाई तक नहीं देख पा रहे थे। तापमान बेहद गिर गया था। सबकुछ जम रहा था। फसलें बढ़ नहीं थी और लोग भूखे मर रहे थे। इन 18 महीनों को डार्क ऐज यानि अंधकार युग कहा जाता था। इतनी बड़ी तबाही के पीछे कुछ बेहद खास वजह थी।शोधकर्ताओं ने हाल ही में इस बात का पता लगाने में सफलता पाई है कि उस अंधकार युग की मुख्य वजह क्या थी। दरअसल, आईसलैंड में उस साल एक ज्वालामुखी फटा था। हिस्ट्री डॉट कॉम की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ज्वालामुखी के लावे कुछ इस से फैले कि मकर रेखा के उत्तर का अधिकांश इलाका धुएं से भर गया और करीब इन 18 महीनों में लाखों लोग काल के मुंह में समा गए।