नई दिल्ली/शिलोंग । चेरी ब्लॉसम का जिक्र आते ही जेहन में जापान और अमरीका के वे ठंडे इलाके याद आते है जहा. चेरी के फूलों से लदे बागान सर्द मौसम का स्वागत करने को  बेताब दिखते है। 

लेकिन अब चेरी की रंगत का लुफ्त उठाने के लिए जापान या अमरीका जाने की जरूरत नहीं होगी । सर्द मौसम की आमद पर भारत ने दुनिया भर के सैलानियों को चेरी ब्लॉसम की खुशनुमा रंगत से लुभाने की तैयारी कर ली है।

भारत में दुनिया का पहला अंतर्राष्ट्रीय  चेरी ब्लॉसम महोत्सव मेघालय की राजधानी शिलोंग में आयोजित किया जा रहा है। अपने तरह के इस अनूठे आयोजन की विस्तृत रूपरेखा का खुलासा मेघालय के मुख्यमंत्री डॉ. मुकुल एस संगमा कल यहां करेंगे ।

केंद्र सरकार के सहयोग से  मेघालय सरकार द्वारा आगामी आठ नवंबर को इस महोत्सव का आगाज होगा । केंद्र सरकार के जैव प्रोद्योगिकी विभाग द्वारा मणिपुर के इंफाल में संचालित जैव संसाधन एवं  सतत विकास संस्थान ( आईबीएसडी  और राज्य सरकार चार दिन तक चलने वाले इस महोत्सव का आयोजन कर रहे है।

संस्थान के वैज्ञानिक सचिव अलबर्ट चिआंग  ने बताया कि आसमान  को अपनी ऊँचाई से नीचे होने का एहसास कराने वाली मेघालय की गगनचुंबी पहाडियों में चेरी की बहार हर साल नवंबर में पुरे उफान पर होती है । कुदरत के इस नायाब तोहके से  दुनिया को  रू-ब-रू करने के लिए बड़े  स्तर के आयोजन की रूपरेखा बनाई गई ।

जापान में 'सकुरा' कही जाने वाली गुलाबी रंग की जिस चेरी के पतझड़ को  देखने के लिए सैलानी खिंचे चले आते  है, उस चेरी की  दोहरी रंगत सैलानियों को शिलोंग और यहां की विश्व प्रसिद्ध झील 'वार्ड लेक' का रुख करने को मजबूर कर देगी, जहां सड़क के दोनों ओर गुलाबी और सफेद चेरी से ढके पेड़ चेरी ब्लॉसम' का अनूठा अहसास कराएंगे ।

चिआंग ने बताया कि जापान में पांचवी सदी में राजकीय तौर पर चेरी ब्लॉसम को  पारम्परिक पर्व के रूप में मनाने की पहल दूसरे महायुद्ध के बाद विश्व शांति की पहल में तब्दील हो गई । तब जापान ने चेरी के हजारों पौधे मैत्री संदेश वाहक के रूप में अमरीका को तोहके में दिए, जो आज  वाशिंगटन  में स्थानीय स्तर पर हर साल होने वाले चेरी ब्लॉसम महोत्सव में दुनिया भर के सैलानियों को लुभाते है ।

उन्होंने बताया कि संस्थान के निदेशक दीनबंधु साहू ने पर्यटन और अन्य देशों से आपसी रिश्तों को मजबूत करने में चेरी ब्लॉसम की सामाजिक - आर्थिक अहमियत को समझते हुए साल 2015 में राज्य स्तरीय चेरी ब्लॉसम महोत्सव शुरू करने की पहल की थी । पिछले साल इसे राष्ट्रीय स्तर पर सफलतापूर्वक आयोजित करने के बाद इस साल इसे अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित करने का फैसला किया गया है।

इस दौरान चेरी के फूलों से  ढकी सड़कों पर "नाईट वाक' के साथ चेरी से बनी वाइन और अन्य  पकवानों के जायके का लुफ्त स्थानीय पारंपरिक नृत्य और संगीत से सराबोर माहौल में उठाया जा सकेगा। साथ ही इस आयोजन में रोमांच को चेरी ब्लॉसम की तरह पुरे उफान पर ले  जाने के लिए फुटबॉल मैच, साइकिल रैली और फोटोग्राफी प्रतियोगिता के बीच चेरी के पुलों से  वने परिधानों की प्रतियोगिता के लिए 'ब्यूटी कांटेस्ट ' का भी आयोजन किया गया है।