क्या आपने कभी सोचा है कि दुनिया की सबसे महंगी कार की कीमत हो सकती है। Audi से लेकर BMW या फेरारी तक आप लक्जरी से लक्जरी कार के बारे में सोचेंगे तो कार की कीमत 2 करोड़ या 20 करोड़ रुपये तक ही मानेंगे। लेकिन हम आपको एक ऐसी कार के बारे में बताने जा रहे हैं जिसकी कीमत आपकी सोच से कहीं ज्यादा है।

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यह कार है 1955 की एक Mercedes-Benz है और इसकी कीमत 14.3 करोड़ डॉलर यानि 1109 करोड़ रुपये है। इस तरह ये दुनिया की सबसे महंगी कार है। इस कार की नीलामी करने वाली कंपनी RM Sotheby का कहना है कि मर्सिडीज-बेंज के रेसिंग डिपार्टमेंट ने ऐसी सिर्फ 2 कार ही बनाई थीं और इसका नाम इसके क्रिएटर के नाम पर ही Rudolf Uhlenhaut रख दिया था। इस कार का नाम Mercedes-Benz 300 SLR Uhlenhaut Coupé है।

इस कार के एक मॉडल को एक प्राइवेट कलेक्टर ने खरीदा है। हालांकि उन्होंने कंपनी को प्रॉमिस किया है कि स्पेशल मौकों पर वह कार को पब्लिक डिस्प्ले के लिए उपलब्ध कराएंगे, जबकि इस कार का दूसरा मॉडल अभी भी मर्सिडीज-बेंज के पास रहेगा और कंपनी के म्यूजियम की शोभा बढ़ाता रहेगा।

एएफपी की खबर के मुताबिक RM Sotheby ने इस कार को नीलामी के लिए रखा था। दुनिया की कुछ क्लासिक कारों की नीलामी 5 मई को जर्मनी के मर्सिडीज-बेंज म्यूजियम में हुई थी। 

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मर्सिडीज की इस कार का दाम इससे पहले दुनिया की सबसे महंगी कार रही 1962 की Ferrari 250 GTO से करीब तीन गुना ज्यादा है। Ferrari का ये 1962 का मॉडल 4.8 करोड़ डॉलर (करीब 372 करोड़ रुपये) में बेचा गया था।