दुनियाभर में कई ऐसी अनोखी जगहें हैं जिन्हें देखकर लगता है कि यहां शायद गुरुत्वाकर्षण नियम यानी ग्रेविटी लॉ काम नहीं करता है। चुट्टानों, पर्वतों और ऊंचाइयों पर बसी इन जगहों का अद्भुत बैलेंस देखकर कोई भी आश्चर्य में पड़ सकता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में बता रहे हैं—

कोन्स्टाटाइन (अल्जीरिया)
अल्जीरिया के इस शहर को 'सिटी ऑफ ब्रिज' कहें तो गलत नहीं होगा। यहां दुनिया के सबसे ऊंचे और लोकप्रिय Sidi M’Cid ब्रिज का नजारा भी देख सकते हैं। ये ब्रिज साल 1912 में बनकर तैयार हो गया था। इसके अलावा, कॉन्स्टेंटाइन का समृद्ध इतिहास आपको फिर से इस शहर में वापस आने के लिए प्रेरित करेगा।

फिरा, सैंटोरिनी (ग्रीस)
ग्रीस का यह छोटा सा गांव पुराने सफेद घरों से सराबोर है। यहां नीचे की तरफ लुढ़कते नीले गुंबद वाले चर्च आंखों को सुकून देते हैं। रात के अंधेर में बिजली से रोशन होता ये गांव स्वर्ग की किसी नगरी से कम नहीं लगता है।

इस छोटे से गांव में आपको कई खूबसूरत होटेल, चट्टान खोदकर बनाए गए गुफानुमा घर समेत कई प्राकृतिक दृश्य देखने को मिल जाएंगे जो आपके मन को बड़ा सुकून देंगे।

जेजिन (लेबनान)
लेबनान के जेजिन शहर को 'सिटी ऑफ फॉल्स' कहा जाता है। यह शहर किस तरह 131 फीट ऊंचे पहाड़ पर अपना संतुलन कायम किए बैठा है, यह देखकर आप सचमुच हैरान रह जाएंगे। इस जगह को चीड़ से ढके पहाड़ों ने घेरा हुआ है। यहां ऐतिहासिक हवेली, बाजार और चर्च भी हैं जो लेबनान में पहाड़ों की सैर करने वालों का जरूरी पड़ाव बनते हैं।

क्यूएन्का (स्पेन)
स्पेन में इन 'हैंगिंग हाउस' का नजारा देखने के लिए भारी संख्या में पर्यटक आते हैं। यहां लोग बालकनी वाली घरों में ठहरना ज्यादा पसंद करते हैं जो चट्टानों पर बड़े अजीब ढंग से टिके हुए हैं। इस जगह को 'वर्ल्ड हेरिटेज साइट' की सूची में भी दर्ज किया गया है। यहां के सेंट पॉल ब्रिज से पूरे गांव का सुंदर दृश्य दिखाई देता है।

रोकामडोर (फ्रांस)
यह जगह मध्य युगीन ईसाई जगत के चार सबसे महत्वपूर्ण तीर्थ स्थलों में से एक थी। जबकि आज के दौर का रोकामडोर पहली नजर में ही आपको अपनी तरफ खींच लेगा। यहां के चर्च, घर और तमाम चीजों को देखकर लगता है कि वे कितने अजीब ढंग से 1500 फीट ऊंचाई पर एक चूना-पत्थर के चट्टान से चिपके हुए हैं।

पहाड़ की तलहटी में पत्थरों से बने प्रवेश द्वार से गुजरने के बाद ही यहां तीर्थयात्री और पर्यटक गांव की खूबसूरत गली में दाखिल हो पाते हैं। यह गांव एक नदी के ठीक बगल में खड़े विशाल पर्वत पर बसा हुआ है।

टाइगर्स नेस्ट मॉनेस्ट्री (भूटान)- टाइगर्स नेस्ट मॉनेस्ट्री भूटान की पारो घाटी में स्थित है जो एक बड़े चट्टान पर टंगी हुई सी नजर आती है। इसका निर्माण 1692 में हुआ था। ऐसा कहा जाता है कि गुरु रिनपोचे यहां एक बाघिन पर सवार पहुंचे थे और इसी वजह से इसे 'टाइगर्स नेस्ट' मठ का नाम दिया गया है।