World Hearing Day पर WHO की तरफ से बड़ी चेतावनी जारी की गई है कि साल 2050 तक 70 करोड़ लोगों के कान खराब हो सकते हैं। आज के समय में दुनियाभर में करीब 400 मिलियन लोग अपनी सुनने की शक्ति को खो चुके हैं। हाल ही में आई सुनने की शक्ति को लेकर वर्ल्ड हिअरिंग की रिपोर्ट खतरनाक इशारा कर रही है।

इस रिपोर्ट के मुताबिक, 2050 तक यह आंकड़ा 700 मिलियन से ज्यादा होगा। इसके बहुत से कारण हैं, लेकिन सबसे बड़ा कारण है लंबे समय तक तेज आवाज़ में म्यूजिक सुनना। इस बाबत विश्व स्वास्थ्य संगठन वर्ल्ड हिअरिंग डे पर यानी आज 3 मार्च को एक रिपोर्ट पेश कर रहा है।

रिपोर्ट के अंदर बताया जाएगा कि आखिर किस तरह आप अपने सुनने की शक्ति हमेशा बनाए रख सकते हैं? इस साल वर्ल्ड हिअरिंग डे की थीम का नाम है Hearing care for All-Screen. Rehabilitate. Communicate”। आपको बता दें कि यह पहली बार होगा जब सुनने की शक्ति को लेकर विश्व में कोई रिपोर्ट लॉन्च की जा रही हो।
विश्व स्वास्थ्य संगठन का अनुमान है कि आज पूरी दुनिया में सुनने की शक्ति की जो समस्या पैदा हो रही है। उसका कारण लंबे समय तक तेज आवाज़ में म्युजिक सुनना है। आज दुनियाभर में इस समस्या से 60 प्रतिशत युवा और किशोर प्रभावित हो रहे हैं।

रिपोर्ट बताती है कि बहरेपन की समस्या ज्यादातर उन देशों में बढ़ रही हैं जो पूरी तरह विकसित नहीं हुए हैं। इसके अलावा इन देशों में ना तो इस समस्या से निपटने के लिए किसी तरह की नीतियाँ बनाई हैं , ना ही यहां लोग जागरूक हैं। इसके अलावा इन देशों में एक बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की भी कमी है।

ऐसे में जब व्यक्ति अपने सुनने की शक्ति खो देता है, तो इसके कारण उसे भाषा सीखने में भी दिक्कत आती है और किसी वाद संवाद करना भी बहुत ही सीमित सा हो जाता है।

विश्व में लोगों के बहरेपन की ताजा स्थिति को देखते हुए WHO ने माना है कि इस मात्रा में लोगों के सुनने की शक्ति खोना बिल्कुल भी स्वीकार नहीं है। इसलिए बहरेपन और कानों से जुड़ी समस्या से वक्त रहते निपटा जाए इसके लिए कुछ कड़े कदम उठाने जरूरी हैं।

अब लोगों को बहरेपन का शिकार न होना पड़े, इसके लिए विश्व स्वास्थ्य संगठन दुनियाभर की सरकारों को इससे जुड़ी योजनाएं लागू करने की सलाह दे रहा है। इन योजनाओं के जरिए लोग बहरेपन से बच सकें और अपनी सुनने की शक्ति को बनाए रख सकें।