चीन की वुहान की लैब से कोरोना फैलने की जांच होगी क्योंकि अब अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के बाद WHA की बैठक पर निगाहें लगी हुई है। माना जा रहा है कि आज होने वाली इस मीटिंग के दौरान भविष्य में इस तरह की महामारी से बचने के लिए देशों को कानूनी रूप से जवाबदेह बनाने पर मुहर लगाई जा सकती है। बता दें कि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट में बताया गया है कि चीन ने जब कोरोना वायरस का पहला मामला दर्ज किया उससे महीना भर पहले ही वुहान की वायरोलॉजी लैब के रिसर्चर बीमार पड़े थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती होना पड़ा था।

इस खुफिया रिपोर्ट के आने के बाद एक बार फिर से इस दावे को बल मिला है कि कोरोना वायरस चीन की वुहान लैब से ही निकलकर दुनियाभर में फैला है।

आज होने वाली डब्लूएचए की बैठक में एक अंतर-सरकारी कार्यकारी समिति का गठन भी किया जा सकता है। इस समिति का काम कोरोनो वायरस की उत्पत्ति को लेकर अभी तक सौंपी गई तीन रिपोर्टों की आगे की जांच करना होगा। इसके अलावा वैश्विक महामारी संधि पर भी विचार किया जा सकता है।
हालांकि, जिनेवा में मौजूद डिप्लोमैट्स के मुताबिक डब्लूएचए की बैठक से ज्यादा उम्मीदें नहीं लगानी चाहिए। इस बैठक में ज्यादा से ज्यादा डब्लूएचओ के एक्सपर्ट्स से कोरोना की उत्पत्ति को लेकर दूसरे चरण की जांच शुरू किए जाने को कहा जा सकता है। इससे पहले डब्लूएचओ की टीम ने अपनी जांच में चीन की वुहान लैब को क्लिन चीट दे दी थी।

यह बैठक भूटान की अध्यक्षता में हो रही है। बता दें कि अभी तक कोरोना वायरस से दुनियाभर में 16 करोड़ लोग संक्रमित हुए हैं और 34 लाख लोग इसकी वजह से जान गंवा चुके हैं।
यह मीटिंग ऐसे समय में हो रही है जब अमेरिका के वॉल स्ट्रीट जर्नल ने अपनी रिपोर्ट से तहलका मचा दिया है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन की वुहान के लैब के शोधकर्ता नवंबर 2019 में बी बीमार पड़े थे और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा था। रिपोर्ट के मुताबिक, इन शोधकर्ताओं में कोरोना वायरस जैसे ही लक्षण थे।

विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसी साल मार्च में अपनी रिपोर्ट जारी की थी, जिसके मुताबिक कोरोना वायरस के लैब से फैलने की आशंका न के बराबर है। रिपोर्ट में कहा गया था कि सबसे संभावित कारण चमगादड़ों से इंसानों में वायरस का आना है, जिसकी वजह से कोरोना पूरी दुनिया में फैला।