नारीवादी कार्यकर्ता, लेखिका और भारत में महिला अधिकार आंदोलन की दिग्गज कमला भसीन का आज हो गया। वह 75 वर्ष की थीं। बताया जा रहा है कि नारीवादी आइकन को कुछ महीने पहले कैंसर का पता चला था। कार्यकर्ता कविता श्रीवास्तव ने कहा एक ट्वीट में कहा कि "हमारी प्रिय मित्र, कमला भसीन का आज 25 सितंबर को लगभग 3 बजे निधन हो गया। यह भारत और दक्षिण एशियाई क्षेत्र में महिला आंदोलन के लिए एक बड़ा झटका है "।  

इन्होंने आगे कहा कि “उसने जीवन का जश्न मनाया जो भी प्रतिकूलता थी। कमला आप हमेशा हमारे दिलों में जिंदा रहेंगी। सिस्टरहुड में, जो गहरे दुख में है।'' बता दें कि कमला प्रशिक्षण के द्वारा एक सामाजिक वैज्ञानिक, वह 35 से अधिक वर्षों से विकास, शिक्षा, लिंग, मीडिया और कई अन्य से संबंधित मुद्दों से सक्रिय रूप से जुड़ी हुई थीं।

भसीन ने 1972 में राजस्थान में एक स्वैच्छिक संगठन के साथ ग्रामीण और शहरी गरीबों के सशक्तिकरण के लिए अपना काम शुरू किया था। उन्होंने संयुक्त राष्ट्र के खाद्य और कृषि संगठन (एफएओ) के साथ भी काम किया था।