लखपति पति को छोड़ महिला ने थामा प्रेमी का हाथ और जाते जाते पति के घर से 50 लाख रुपये के साथ नकदी व जेवर लेकर फरार हो गयी। पत्नी के लापता होने के मामले में पति ने असम के कामरूप (गुवाहाटी) जिले के पलटन बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। जिसके बाद पुलिस ने पत्नी को गिरफ्तार कर लिया।

शहर के बैरिया की रहने वाली महिला की शादी साढ़े तीन साल पहले गुवाहाटी के व्यवसायी से हुई थी. 31 अक्तूबर को वह अपने प्रेमी हाजीपुर के शातिर अपराधी सह शराब व्यवसायी के साथ फरार हो गयी. पुलिस पूछताछ में पता यह चला कि पति के रुपए लेकर मुजफ्फरपुर पहुंचने के बाद वह प्रेमी के साथ घर बसाने की तैयारी कर रही थी।  इस बीच यह बात भी सामने आयी कि पीड़ित की पत्नी का शादी के पहले से ही शराब व्यवसायी से था प्रेम ।

 

शादी के पहले विवाहिता हाजीपुर में अपने माता-पिता के साथ रहती थी। वहां उसकी जान-पहचान एक शातिर अपराधी से हो गयी। बाद में दोनों के बीच प्रेम हो गया इस बात से अनभिज्ञ माता-पिता ने उसकी शादी कर दी। शादी के बाद भी दोनों के बीच प्रेम संबंध बरकरार रहा, दोनों में बातचीत होती रही। वह बराबर उससे मिलने गुवाहाटी भी  जाता था। वर्तमान में उसका प्रेमी शराब का बड़े पैमाने पर व्यवसाय करता है इस मामले में वह हाल-फिलहाल जेल भी गया था।

घर से फरार होने के पूर्व उसने पति को संगीत समारोह में शामिल होने की बात बतायी थी. देर रात जब वह घर लौट कर नहीं आयी तो पति  ने असम के पलटन बाजार थाने में थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पति की शिकायत के बाद पुलिस मामले की तफ्तीश और महिला की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान गुरुवार को त्रिभुवन को उसकी पत्नी के मुजफ्फरपुर में अपने प्रेमी के रह रहे होने की जानकारी मिली। इसके बाद वह पत्नी की तलाश में मुजफ्फरपुर पहुंचा। नगर थाने की पुलिस को मामले की जानकारी देते हुए कार्रवाई करने का आग्रह किया।

टावर लोकेशन के आधार पर पुलिस ने महिला को उसके प्रेमी के साथ शहर में ही एक टीवी दुकान से हिरासत में ले लिया। काफी देर बाद महिला ने पति के घर से 35 लाख रुपए लाने की बात स्वीकार कर ली। उसमें से 26 लाख रुपए लौटा दिए। 9 लाख रुपए से सामान की खरीदारी करने की बात कही। इसके बाद दोनों पक्षों ने आपस में समझौता कर लिया। थानेदार केपी सिंह ने बताया कि पति के घर से लाए रुपए वापस करने के बाद दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इस मामले में पति की ओर से लिखित शिकायत नहीं की गई थी। इसलिए महिला को पकड़ा नहीं जा सकता था। वैसे भी दोनों खुशी-खुशी संग रहने को तैयार थे।