सेना प्रमुख एम एम नरवणे (Army Chief MM Naravane) ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी (NDA) में महिला कैडरों (women cadres) का स्वागत निष्पक्षता और पेशेवर भावना से किया जाना चाहिए, जिसके लिए भारतीय सैन्य बल प्रख्यात हैं। 

राष्ट्रीय रक्षा अकादमी के 141वें बैच की पासिंग आउट परेड (passing out parade) में सेना प्रमुख (Army chief) ने कहा, 'जैसा कि हमने राष्ट्रीय सुरक्षा अकादमी में महिला कैडरों के लिए द्वार खोल दिए गए हैं, ऐसे में मैं निष्पक्षता और पेशेवर बने रहने की भावना को आगे भी जारी रहने की उम्मीद करता हूं, जिसके लिए भारतीय सुरक्षा बल पूरी दुनिया में मशहूर हैं।'

सेना प्रमुख (Army chief) ने कहा कि सेना के अभियान में यह अभी भी उतना ही यथार्थ है, जितना कि 40 साल पहले था। उन्होंने कैडेट से तकनीकों के बारे में सचेत रहने, अपनी जिज्ञासा का समाधान करने और अपने व्यक्तित्व के अनुसार शौक को अपनाने की सलाह भी दी। उन्होंने कहा, ''चीजों की कल्पना करते रहिए और लीक से हटकर दूर की सोचिए। सेना का युद्ध भूमि में हमेशा चुनौतियों से सामना होता रहता है, हम असफल नहीं हो सकते।' 

सेना प्रमुख ने कहा कि एनडीए राष्ट्र के सशस्त्र बलों के लिए नेतृत्व और संयुक्त कौशल की देखरेख करता है और यह भावना हमारे तीनों अंगों में निहित है। नरवणे ने कहा, 'आज आप जिस जगह खड़े हैं, वहीं 42 साल से कुछ ज्यादा वक्त पहले कैडेट के रूप में मैं भी खड़ा था। मैं इसकी समीक्षा कर रहा हूं। यहां से आप अधिक केंद्रित सैन्य प्रशिक्षण के लिए संबंधित करियर सेवा अकादमियों में दाखिल होंगे। आप अलग-अलग परिधानों में होंगे, लेकिन हमेशा याद रखिएगा कि कोई भी एक सेवा सिर्फ अपने दम पर आधुनिक युद्ध का मुकाबला नहीं कर सकती है।'

गौरतलब है कि अठारह अगस्त को अपने एक अंतरिम आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने महिला उम्मीदवारों को राष्ट्रीय रक्षा अकादमी (एनडीए) और नौसेना अकादमी की प्रवेश परीक्षा में बैठने की अनुमति दी थी ताकि वे भी रक्षा सेवाओं में कमीशन हासिल कर सके।