असम के विश्वनाथ जिले में अमीला साहू नामक एक महिला को विदेशी नागरिक ट्रिब्यूनल द्वारा गैर नागरिक घोषित कर दिए जाने के बाद नजरबंदी शिविर में भेज दिया गया। महिला को 15 जून को तेजपुर नजरबंदी शिविर-II में भेजा गया। 


विश्वनाथ जिले के जमुगुरीहाट पुलिस स्टेशन के अंतर्गत ढोलीबिल की रहने वाली अमीला का विवाह राम दुलाल साहू से हुआ था। अमीला के परिवार के सदस्यों का आरोप है कि ट्रिब्यूनल ने अमीला के एनआरसी से जुड़े दस्तावेजों को रद्द कर दिया है।


अमीला के पिता का नाम केशव कुमार गुप्ता को 1951 में एनआरसी में शामिल किया गया था और वह जिले में चाय व्यापारी है।   


इस पूरे मामले पर अमीला का कहना है कि हमने एनआरसी अपडेशन में अपना पूरा सहयोग दिया है। साथ ही पिता के साथ संबंधों की सिद्धता के लिए अपना दस्तावेज भी प्रस्तुत कर दिया है। मैंने अपना जन्म प्रमाण पत्र, प्रतापगढ़ प्राइमरी स्कूल का एक पत्र और पैन कार्ड भी जमा किया है।


आरोप है कि सोनितपुर बॉर्डर पुलिस ने बिना किसी कानूनी सबूत के महिला को विदेशी मान केस दर्ज़ कर लिया है। अमीला के भाई रमेश गुप्ता ने बताया कि मैं 4 जून 2018 को हुई सुनवाई में शामिल हुआ, जहां अपेक्षित दस्तावेजों को प्रस्तुत किया गया।  जिसके बाद अगली सुनवाई 1 जनवरी 2019 को मेरी मां को गवाह के रूप में बुलवाया गया। लेकिन सभी औपचारिकताओं के बाद 15 जून को उसे गिरफ्तार कर नजरबंदी शिविर में भेज दिया गया। 


इस पूरे मामले पर निंदा प्रकट करते हुए असम कम्युनिस्ट पार्टी इंडिया (मार्क्सवादी) ने कहा कि इस तरह के मामले सीमा पुलिस पर सवाल उठाते है। यह स्पष्ट करते है कि सीमा पुलिस बेतरतीब तरीके से लोगों को उठाकर बिना जांच के ही उन्हें हिरासत केन्द्रों में भेज देती है।