भारत में कोरोना वायरस के चलते अब तक 1000 से अधिक लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं मरने वालों की तादाद 24 हो गई है। वायरस के खिलाफ लड़ाई लड़ने में सभी अपनी-अपनी भूमिका निभा रहे हैं। इसी बीच एक महिला वैज्ञानिक मीनल दखावे भोसले ने महज 1200 रुपये में एक टेस्टिंग किट तैयार की है जो विदेशी किट की तुलना में बेहद सस्ती है। इसके माध्यम से संदिग्धों का बहुत जल्द पता चल जाएगा। सोमवार को इसकी पहली खेप बाजार में भी उपलब्ध हो जाएगी।


बाजार में इस वक़्त जो विदेशी टेस्टिंग किट उपलब्ध हैं उसकी कीमत 4,500 रुपये है। वहीं महिला वैज्ञानिक मीनल दखावे भोसले ने जो किट तैयार की है उसकी कीमत महज 1200 रुपये है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने बताया, 'हमारी किट कोरोना वायरस संक्रमण का टेस्ट ढाई घंटे में कर लेती है, जबकि विदेश से आने वाले किट से टेस्ट में छह-सात घंटे लगते हैं।' महिला वायरोलॉजिस्ट ने अपने बच्चे को जन्म देने से कुछ घंटे पहले तक निरंतर काम करके भारत की पहली वर्किंग टेस्ट किट विकसित की है।


पुणे की मायलैब डिस्कवरी भारत की पहली ऐसी फर्म है जिसे टेस्टिंग किट विकसित करने और उसकी बिक्री करने की इजाजत मिली है। मीनल इसी लैब में रिसर्च और डेवलपमेंट प्रमुख वायरोलॉजिस्ट हैं। मायलैब की हर किट से 100 नमूनों की जांच हो सकती है। 'हमारी किट कोरोना वायरस संक्रमण की जांच ढाई घंटे में कर लेती है, जबकि विदेश से आने वाले किट से जांच में छह-सात घंटे का समय लगता हैं।'