सागर. मध्यप्रदेश के सागर में एक महिला ने विधवा पेंशन पाने के लिए दस्तवेजों में पति को ही मार दिया, दस साल तक पेंशन लेने के  बाद महिला का सच सामने आया है, इसका खुलासा भी किसी और नहीं पति ने ही किया है. पति की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच के बाद प्रकरण दर्ज कर महिला के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर हिरासत में ले लिया है.

पुलिस के अनुसार केशवगंज वार्ड में रहने वाली महिला शमीम राईन की शादी वर्ष 2001 में अशोक नगर निवासी अख्तर खान से हुई थी, शादी के बाद अख्तर सागर में ही रहने लगा, लेकिन पारिवारिक विवादों के चलते अख्तर अशोक नगर चला गया, वर्ष 2011 में शमीम ने अपने का नाम अख्तर की जगह अनीश खान बताते हुए फर्जी दस्तावेज तैयार कर शासकीय योजनाओं का लाभ लेना शुरु कर दिया, यहां तक कि पति अनीश का मृत्यु प्रमाणपत्र बनवाकर वर्ष 2012 में विधवा पेंशन में नाम जुड़वाया, बीपीएल कार्ड भी बनवा लिया, इस बात की जानकारी पति अख्तर खान को लगी तो उन्होने वर्ष 2017 में शिकायत की, इस शिकायत की जांच में भी पुलिस को पांच वर्ष लग गए, तब शमीम खान का सच सामने आया है, पुलिस ने जांच में पाया कि अख्तर व अनीश खान की फोटो का मिलान किया तो दोनों व्यक्ति एक ही निकले, अख्तर को ही अनीश बनाया गया है, जो अशोक नगर में रह रहा है, पुलिस ने जांच के बाद शमीम के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर हिरासत में ले लिया, पुलिस को पूछताछ में महिला शमीम ने बताया कि उसके बड़े पिता के बेटे का नाम अनीश है उसकी पत्नी का नाम भी शमीम है, लेकिन जांच में यह तथ्य भी झूठे निकले, शमीम ने दस्तावेजों में हेरफेर किया है. पुलिस ने शमीम को हिरासत में लेकर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है.