मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में यौन शोषण के एक अन्य मामले में 28 वर्षीय महिला के साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया। बाद में पीड़िता की अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के निर्देश पर मंगलवार को मुख्य आरोपी के घर को तोड़ा गया।

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पुलिस के अनुसार शनिवार को महिला के साथ तीन लोगों ने सामूहिक दुष्कर्म किया। पीडि़ता की इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। जिला पुलिस ने मामले में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। उनकी पहचान शादाब उस्मानी और उनके दो दोस्तों राजेश सिंह और सोनू जॉर्ज के रूप में हुई। पुलिस ने बताया कि शादाब उस्मानी महिला के साथ पिछले डेढ़ साल से रिश्ते में था। शनिवार को वह उसे जिला मुख्यालय शहडोल से करीब 20 किलोमीटर दूर क्षीरसागर इलाके में पिकनिक मनाने ले गया।

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एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया, क्षीरसागर पहुंचने के बाद उस्मानी ने अपने दो दोस्तों को मौके पर बुलाया और शराब पी। इसके बाद उन्होंने बारी-बारी से महिला से दुष्कर्म किया। पीड़िता को जबरन जहरीला पदार्थ खिलाया गया, जिससे अस्पताल में उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक मुख्य आरोपी उस्मानी मौके से फरार हो गया, जबकि दो अन्य आरोपी उसे जिला अस्पताल के बाहर छोड़ गए। अस्पताल पहुंचने पर, उन्होंने (राजेश और जॉर्ज) शराब के अत्यधिक सेवन के मामले के रूप में इसे प्रसारित करने की कोशिश की। इस बीच, एक आरोपी ने पीडि़ता के परिवार को फोन पर बताया कि उसने शराब पी है, उसे गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने कहा, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने पुष्टि की है कि महिला के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया था और उसकी मौत किसी जहरीले पदार्थ के सेवन से हुई थी। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की प्रक्रिया जारी है।

 मंगलवार को जिला प्रशासन स्थानीय पुलिस के साथ एक-दो बुलडोजर लेकर उस्मानी के घर पहुंचा और शहडोल जिले के जावरा मोहल्ले में स्थित उसके घर को ध्वस्त कर दिया। शहडोल की जिला कलेक्टर वंदना वद्य ने कहा, मुख्य आरोपी शादाब उस्मानी का घर आज गिरा दिया गया। जबकि इस मामले में शामिल दो अन्य आरोपी किराए के मकान में रह रहे थे। मध्य प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ अपराध एक गंभीर चिंता का विषय रहा है और विपक्षी कांग्रेस इस मुद्दे पर शिवराज सरकार पर निशाना साधती रही है। हाल ही में मुख्यमंत्री चौहान ने कानून व्यवस्था की स्थिति पर चर्चा के लिए राज्य के शीर्ष पुलिस अधिकारी के साथ बैठक की थी। हाल ही में, पूर्व पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) विवेक जौहरी, जो 4 मार्च को सेवानिवृत्त हुए, उन्होंने अपने फेयरवेल भाषण के दौरान यह भी उल्लेख किया है कि राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराध मध्य प्रदेश पुलिस के लिए एक बड़ी चिंता है।