कर्नाटक पुलिस ने मंगलवार को तुमकुरु जिले में एक महिला की मौत के बाद एक फर्जी डॉक्टर दंपति को गिरफ्तार किया, जिसे आरोपी द्वारा आईवीएफ उपचार दिया गया था। आरोपी वाणी और मंजूनाथ ने डॉक्टर होने का दावा किया था, और सैकड़ों नि:संतान दंपतियों का इलाज किया है और उनसे लाखों का शुल्क लिया है।

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जांच से पता चला कि आरोपी दंपति के पास केवल एसएसएलसी (कक्षा 10) प्रमाण पत्र हैं और उनके पास मेडिकल डिग्री नहीं है। अपनी पत्नी ममता (34) को खोने वाले शिकायतकर्ता मल्लिकार्जुन ने उसकी मौत के बाद नॉनविनकेरे पुलिस से संपर्क किया था। मल्लिकार्जुन और ममता को शादी के 15 साल बाद भी कोई संतान नहीं हुई थी। इस संबंध में उन्होंने कई अस्पतालों का दौरा किया था। आरोपी व्यक्तियों ने दंपति से संपर्क किया और उनसे वादा किया कि उनके इलाज से उन्हें निश्चित रूप से गर्भ धारण करने में मदद मिलेगी।

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उन्होंने मल्लिकार्जुन और ममता से 4 लाख रुपये लिए और अवैज्ञानिक तरीके से आईवीएफ उपचार किया। जब ममता इलाज के बाद कई बीमारियों की चपेट में आ गई तो नकली डॉक्टरों ने दंपति को बताया कि गर्भ में भ्रूण का विकास शुरू होने के बाद ये बदलाव हो रहे हैं। आरोपी डॉक्टरों ने दम्पत्ति से हर बीमारी के लिए पैसे लिए।हालांकि, पेट दर्द से पीडि़त होने के बाद ममता दूसरे अस्पताल में जांच के लिए गई। नकली आईवीएफ उपचार के परिणामस्वरूप वह गुर्दे, हृदय, मस्तिष्क और गर्भाशय की जटिलताओं का शिकार हो गई। 23 अप्रैल को ममता की मौत हो गई।