त्रिपुरा से एक चौैंकाने वाला मामला सामने आया है। पश्चिम त्रिपुरा जिले के साधुतिल्ला गांव के एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी के कमरे में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। पत्नी ने इसको लेकर राज्य के महिला आयोग में शिकायत की है। पति ने अपनी सफाई में कहा कि उसने आत्मरक्षा के लिए ये कैमरे लगवाए हैं। आपको बता दें कि यह जोड़ा फिलहाल अलग रह रहा है।


47 साल के चंदन कांति धर की तीन साल पहले 38 वर्षीय रत्ना पोद्दार से शादी हुई थी। शादी के कुछ समय बाद ही धर पत्नी से दहेज की मांग करने लगा। बकौल रत्ना, शादी के वक्त चंदन के परिवार ने दहेज की मांग नहीं की थी लेकिन शादी के कुछ समय बाद ही सास ससुर ने दहेज के लिए प्रताडि़त करना शुरू कर दिया। सास, देवर और पड़ोसियों ने शारीरिक और मानसिक रूप से प्रताडि़त किया। रत्ना का आरोप है
कि पैतृक जमीन बेचकर मेरे घरवालों ने 2 लाख रुपए दहेज के रूप में दिए लेकिन उत्पीडऩ जारी रहा।


इस बीच रत्ना को संदेह हुआ कि उसके पति के उसकी एक रिश्तेदार से एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर है। स्थितियां उस वक्त बिगड़ी जब रत्ना के पति ने गत सितंबर में उसके चार कमरे के घर में सीसीटीवी कैमरे लगवा दिए। दिसंबर से रत्ना अपनी मां के साथ रह रही है। रत्ना ने बताया कि घर में हर जगह कैमरे लगे हैं। मुख्य द्वार, कॉरिडोर, सास के कमरे, हमारे बेडरूम और एक अन्य कमरे में कैमरे लगे हैं। मोनिटर सास के कमरे में लगा है। यह पर्सनल स्पेस का गंभीर उल्लंघन है। मैं महिला हूं और हर जगह सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग यहां तक कि प्राइवेट स्पेस में भी, बहुत परेशान करने वाली बात है।


परेशान रत्ना ने इस माह त्रिपुरा के महिला आयोग से मदद की गुहार लगाई। 2 जुलाई को धर के खिलाफ घरेलू हिंसा, दहेज उत्पीडऩ और अडल्टरी की औपचारिक शिकायत दर्ज करवाई। बुधवार को काउंसलिंग के पहले सत्र के दौरान उसने सीसीटीवी कैमरों के बारे में शिकायत की। हालांकि धर ने सभी आरोपों को खारिज करते हुए कहा, मैं निर्दोष हूं। मैंने न तो दहेज लिया और न ही मेरे किसी के साथ अवैध संबंध हैं। मुझे इस बारे में चर्चा करना बुरा लग रहा है लेकिन पूरी शिकायत हमसे बदला लेने के लिए की गई है क्योंकि मेरी पत्नी जब घर छोडक़र जा रही थी तो उसने हमें जेल भिजवाने की धमकी दी थी।

बकौल धर, मेरी पत्नी बहुत शकी है और मेरे और मेरी मां व रिश्तेदारों के साथ बुरा बर्ताव करती है। आत्मरक्षा के लिए मैंने सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। खुद को पाक साफ साबित करने के लिए उसने एहतियातन कैमरे लगवाए। महिला आयोग की अध्यक्ष बर्नाली गोस्वामी ने इसे रेयर और सीरियल क्राइम बताया है। कोई महिला अपने सबसे प्राइवेट क्वार्टर्स में लगातार निगरानी में कैसे रह सकती है? हमने बुधवार को दोनों पक्षों को सुना और पुर्नविचार के लिए 45 दिन का वक्त दिया है। इस बीच धर को गुजारे भत्ते के लिए पत्नी को प्रति माह 3 हजार रुपए देने के लिए कहा गया है।

आपको बता दें कि भारत में प्राइवेट स्पेस में सीसीटीवी कैमरे लगवाना लीगल है, इसके लिए किसी विशेष लाइसेंस की जरूरत नहीं रहती। हालांकि यह भारत दंड संहिता की धारा 354 सी के तहत क्रिमिनल ऑफेंस है। अगर इनका इस्तेमाल दर्शनरति के लिए किया जाता है तो इस तरह के अपराध में लिप्त व्यक्ति को 1 से 3 साल तक की सजा हो सकती है। साथ ही पहली बार अपराध में लिप्त पाए जाने पर जुर्माना भी भरना पड़ता है। अगर व्यक्ति दोबारा यह अपराध करता है तो उसे सात साल की कैद और जुर्माना दोनों सजा होती है। कानून में कुछ प्रावधान है जहां सार्वजनिक स्थलों पर कोई सीसीटीवी कैमरे नहीं लगा सकता, मसलन शौचालय, बाथरूम और बेडरूम।