लंदन। ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस एसोसिएशन के अध्यक्ष इयान हेविट ने रूसी और बेलारूसी खिलाडिय़ों पर इस साल के विंबलडन में बैन के कारणों को लेकर फिर से बयान जारी किया है। हेविट ने कहा कि 27 जून से शुरू होने वाले इस साल के विंबलडन में रूसी और बेलारूसी खिलाडिय़ों पर प्रतिबंध लगाना बहुत कठिन निर्णय था।

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हेविट ने मंगलवार को एक बयान में कहा, 'हम मानते हैं कि यह एक असाधारण स्थिति है, जो हमें अकेले टेनिस के हितों से बहुत आगे ले जाती है। यूके्रन पर रूस के चल रहे आक्रमण की दुनियाभर में 140 से अधिक देशों ने निंदा की है।' उन्होंने कहा कि ब्रिटिश सरकार के प्रतिबंधों के बाद कोई व्यवहार्य विकल्प नहीं था, जिसने उन्हें केवल एटीपी और डब्ल्यूटीए टूर पर एक तटस्थ ध्वज और बिना कोई राष्ट्र गान के तहत प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी।

उन्होंने आगे कहा, 'उस प्रतिक्रिया के हिस्से के रूप में यूके सरकार ने रूस के प्रभाव को सीमित करने के उद्देश्य से यूके में खेल निकायों और आयोजनों के लिए दिशात्मक मार्गदर्शन निर्धारित किया है। हमने उस दिशात्मक मार्गदर्शन को ध्यान में रखा है।' हेविट ने कहा कि ऑल इंग्लैंड लॉन टेनिस समझता है कि इस फैसले से हर खिलाड़ी प्रभावित होगा। वहीं, भयानक युद्ध के चलते कितने निर्दोष लोग पीडि़त हैं।

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उन्होंने कहा, 'लेकिन, फैसला लेना काफी कठिन था। हम मानते हैं कि हमने परिस्थितियों में सबसे अधिक जिम्मेदारी वाला निर्णय लिया है और वास्तव में इस असाधारण और दुखद स्थिति में हमने जो निर्णय लिया है, उसके अलावा वर्तमान परिस्थिति में और कोई चारा भी नहीं था।' रूसी दुनिया के 8वें नंबर के खिलाड़ी एंड्री रुबलेव ने ऑल इंग्लैंड क्लब पर पूर्ण भेदभाव का आरोप लगाया है, जिसके बाद इस दावे को हेविट ने पूरी तरह से खारिज कर दिया।