पंजाब कांग्रेस के प्रभारी हरीश रावत के प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिद्धू तथा चार कार्यकारी प्रधानों को पंज प्यारे कहने पर मचे बवाल के बाद आज उन्होंने सिख समुदाय से माफी मांगी और कहा कि उन्होंने तो आदर भाव के रूप में इस शब्द का इस्तेमाल किया तथा उनकी मंशा किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाने की नहीं थी। 

उन्होंने ट्वीट करके कहा कि वह माफी मांगते हैं और अपने शब्द वापस लेते हैं। रावत ने आज यहां पत्रकारों से कहा कि अनजाने में हुई गलती के लिये वह उत्तराखंड के गुरूद्वारे में झाडू लगायेंगे। मैंने इस शब्द (पंच प्यारे) शब्द का इस्तेमाल एक व्यक्ति को आदर के तौर पर किया , यदि मेरे शब्दों से किसी की भावनायें आहत हुई हों तो मैं अपने शब्द वापस लेता हूं । पंज प्यारे शब्द पर शिरोमणि अकाली दल के प्रवक्ता दलजीत चीमा ने कहा कि रावत को अपने बयान के लिये माफी मांगनी चाहिये । अकाल तख्त ने भी इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त की थी ।