असम में असम पंचायत चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों में बयानबाजी जारी है। साथ ही भाजपा के वरिष्ठ नेता आैर राज्य के वित्त मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के पास कर्इ आकर्षक प्रस्ताव भी आ रहे हैं। अभी हालही में राज्य में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन उल्फा-आर्इ के कमांडर परेश बरुआ ने सरमा को स्वायत्त असम का प्रधानमंत्री बनने की पेशकश की थी। वहीं अब एआर्इयूडीएफ के प्रमुख मौलाना बद्रुद्दीन अजमल ने कहा है कि अगर हिमंत बिस्वा सरमा हमारी पार्टी में शामिल हो जाते हैं तो उन्हें मुख्यमंत्री पद का दावेदार बना दिया जाएगा।


लखीमपुर में एक जनसभा को संबोधित करते हुए अजमल ने कहा कि अगर सरमा भगवा कपड़ा (बीजेपी) छोड़ दे तो मैं लंदन से उनके लिए कपड़ा लेकर आउंगा आैर हमारी पार्टी में उनका स्वागत करुंगा। 2021 में होने वाले असम विधानसभा चुनाव में  मैं सरमा को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बना दूंगा। उन्होंने कहा कि सरमा मुख्यमंत्री पद के सही दावेदार होंगे।


बता दें कि सरमा पूर्वोत्तर लोकतांत्रिक गठबंधन के संयोजक हैं आैर उन्हें इस क्षेत्र में भाजपा समर्थकों के लिए पार्टी के ब्रह्मस्त्र के रूप में देखे जाते हैं।  त्रिपुरा, नागालैंड, असम आैर मेघालय में भाजपा की जीत का श्रेय हिमंत को ही जाता है। इन दिनों जहां ज्यादातर मंत्री अौर विधायक 5 और 9 दिसंबर को होने वाले असम पंचायत चुनाव के प्रचार में व्यस्त हैं तो वहीं सरमा 28 नवंबर को हुए मिजोरम विधानसभा चुनाव में व्यस्त थे आैर अब वे पंचायत चुनावा को जोर देने में लगे हैंं।


गौरतलब है कि सरमा ने कहा था कि अगर उल्फा-आर्इ के चीफ कमांडर परेश बरुआ आत्मसमर्पण कर देते हैं तो वह नागरिकता सशोधन विधेयक 2016 को वापस ले लेंगे। इसके बाद बरुआ ने कहा था कि अगर सरमा हमारी मांगों को पूरा करने के लिए केंद्र को मना लेते हैं तो हम सरमा को स्वतंत्र असम का प्रधानमंत्री बना देंगे।