अब आपको किसी मोबाइल या राउटर से Wi-Fi इंटरनेट चलाने के लिए उसके आसपास नहीं रहना पड़ेगा। क्योंकि अब आप 1 किलोमीटर के दायरें में Wi-Fi का यूज कर सकेंगे। इसके लिए Wi-Fi HaLow तकनीक आ रही है जो काफी स्मार्ट है।

इस नई वाई-फाई तकनीक को वाई-फाई हेलो कहा जा रहा है। इस तकनीक को इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) पर फोकस करते हुए तैयार किया जा रहा है। वाई-फाई हेलो का उद्देश्य औद्योगिक, कृषि, स्मार्ट बिल्डिंग और स्मार्ट सिटी वातावरण में उपयोग के मामलों को सक्षम करना है।

वाई-फाई एलायंस का कहना है कि वाई-फाई हेलो "वायरलेस कनेक्टिविटी के लिए अधिक व्यापक दृष्टिकोण" अपनाता है। शुरुआत के लिए, इसकी अधिक रेंज है - लगभग 1KM - और "चुनौतीपूर्ण वातावरण जहां दीवारों या अन्य बाधाओं को भेदने की क्षमता एक महत्वपूर्ण विचार है" में अधिक मजबूत कनेक्शन प्रदान करने का दावा करती है। तकनीक इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT) इनेबल्ड डिवाइसेस के लिए लो पावर, हाई परफॉर्मेंस और अधिक सुरक्षित वाई-फाई प्रदान करेगी।

मौजूदा वाई-फाई तकनीक बैंडविड्थ के मामले में 2.4Ghz से 5Ghz स्पेक्ट्रम पर काम करती है। दूसरी ओर, वाई-फाई हेलो को 1Ghz से कम स्पेक्ट्रम पर काम करने के लिए विकसित किया गया है, जिसका अर्थ है कि यह कम बिजली की खपत करेगा। इसके अलावा, लो फ्रिक्वेंसी भी वाई-फाई हेलो को लंबी दूरी पर डेटा ट्रांसमिट करने की अनुमति देती है।

डेटा स्पीड कम होने की उम्मीद है क्योंकि स्पेक्ट्रम भी कम है। हालांकि, IoT डिवाइसेस और प्रोडक्ट्स को वास्तव में अल्ट्रा-फास्ट वाई-फाई स्पीड की आवश्यकता नहीं होती है और कम डेटा के साथ भी ठीक काम कर सकते हैं।

अभी तक, वाई-फाई हेलो की कोई स्पष्ट लॉन्च टाइमलाइन नहीं है। वाई-फाई एलायंस ने इस साल की शुरुआत में कहा था कि वह 2021 की चौथी तिमाही में डिवाइस सर्टिफिकेशन शुरू करने की उम्मीद करते हैं, जिसका अर्थ है कि अगले साल तकनीक उपयोग के लिए उपलब्ध हो सकती है।