भारत को ‘महिलाओं के लिए सबसे खतरनाक देश’ करार देने वाली अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट को लेकर असम के सिलचर से कांग्रेस की लोकसभा सांसद आैर अखिल भारतीय महिला कांग्रेस कमेटी की अध्यक्ष सुष्मिता देव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधा। सुष्मिता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री 43 साल पुराने आपातकाल पर बोल रहे हैं, लेकिन आज देश में महिलाओं के लिए जो आपातकाल की स्थिति है उस पर वह चुप हैं। हम पूछना चाहते हैं कि प्रधानमंत्री ने यह चुप्पी क्यों साध रखी है?’


उन्होंने कहा, ‘2014 में लोकसभा चुनाव के समय बीजेपी ने ‘बहुत हुआ नारी पर वार, अबकी बार मोदी सरकार’ का नारा दिया था। लेकिन सरकार बनने के बाद महिलाओं की सुरक्षा की उपेक्षा की गई। कठुआ और उन्नाव में जघन्य घटनाएं हुईं और शर्मनाक बात यह है कि इनमें कार्रवाई की बजाय आरोपियों को बचाने की कोशिश की गई।’


कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुष्मिता ने कहा, ‘महिलाएं देश की आधी आबादी हैं और उनसे जुड़े मुद्दे की इस तरह से उपेक्षा नहीं की जा सकती।’बता दें कि  मंगलवार को थॉमसन रॉयटर्स फाउंडेशन की ओर से जारी किए गए एक सर्वे में महिलाओं के प्रति यौन हिंसा, मानव तस्करी और यौन व्यापार में ढकेले जाने के आधार पर भारत को महिलाओं के लिए खतरनाक बताया गया है।

इस सर्वे के अनुसार महिलाओं के मुद्दे पर युद्धग्रस्त अफगानिस्तान और सीरिया क्रमश: दूसरे और तीसरे, सोमालिया चौथे और सउदी अरब पांचवें स्थान पर हैं। 550 विशेषज्ञों के द्वारा किए गए इस सर्वे में महिलाओं के प्रति यौन हिंसा के खतरों के लिहाज से एकमात्र पश्चिमी देश अमेरिका है. इस सर्वे में 193 देशों को शामिल किया गया था, जिनमें से महिलाओं के लिए बदतर शीर्ष 10 देशों का चयन किया गया।