ऑस्ट्रेलिया के लोगों को फिर एक बार नई मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। यहां पर एक के बाद एक प्रकृति अपना कहर ढा रही है। पिछले साल लगी जंगलों में आग, फिर कोरोना वायरस, बाढ़-बारिश और चूहों के आतंक के बाद अब ऑस्ट्रेलिया में मकड़ियां कयामत लेकर आ गई हैं। 

मकडिय़ों के जाले हमने घर और आस-पास कई बार देखे होंगे, लेकिन यह सबसे अलग है। दरअसल, सोशल मीडिया पर कुछ हैरान करने वाली तस्वीरें सामने आई हैं जिसमें देखा जा सकता है कि जमीन के बड़े क्षेत्रफल में मकडिय़ों का जाल ‘चादर की तरह पेड़-पौधों और घास पर बिछा हुआ है। इन तस्वीरों को देखकर ऑस्ट्रेलिया के लोग खौफ में आ गए हैं। यहां के कुछ इलाकों में मकडिय़ों ने इस कदर जाल बिछा रखा है कि मानों सब कुछ एक झीनी चादर से ढक दिया गया हो। मकडिय़ों का ये जाल विक्टोरिया और गिप्सलैंड के आस-पास के इलाकों में देखा जा रहा है। जो भी उधर से गुजरते हुए मकडिय़ों के जाले की ये मोटी परतें देख रहा है, वो इसका वीडियो बना लेता है। इन रास्तों पर जाते हुए रोड साइन से लेकर घास, झाडिय़ां यहां तक कि कुछ पेड़ों को भी मकडिय़ों के मोटे-मोटे जाले ढके हुए हैं। बाढ़ और बारिश से जूझ रहे ऑस्ट्रेलिया में कुछ लोगों ने इन पिक्चर्स को रेडिट पर शेयर किया और लिखा कि - बाढ़ और बारिश कम थी, जो मकडिय़ों की ये कयामत आ गई।

ऑस्ट्रेलिया में कुछ दिन पहले ही चूहों के जरिये फैल रहे प्लेग से यहां के लोग उबर पाए हैं। अब मकडिय़ों के ये जाले देखकर भी कई लोग डर रहे हैं कि इससे भी उन्हें कोई बीमारी न हो जाए। हालांकि वैज्ञानिकों का कहना है कि ये कोई नई बात नहीं है। बाढ़ और बारिश के बाद मकडिय़ां भी ऊंची जगहों की तलाश करती हैं। यूनिवर्सिटी और सिडनी के प्रोफेसर होचुली बताते हैं कि मकडिय़ां भी बाढ़ के बाद नमी से बचने के लिए जाल बनाती हैं। ये जाल सामान्य जालों से अलग होते हैं, इसमें कई लेयर होती हैं, जिसके बीच वे सुरक्षित रहती हैं। हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में ठंड आने के बाद चूहों ने जमकर आतंक मचाया। घर, गाडिय़ां, ऑफिस, हर जगह पर गर्म जगह तलाश रहे चूहों ने लोगों को परेशान कर दिया। कुछ जगहों पर तो तार काट देने से शॉर्ट सर्किट की भी दिक्कत आई। ऑस्ट्रेलिया में इन हालात से निपटने के लिए लाखों की संख्या में चूहे मारकर फेंके गए।