वैश्विक महामारी कोरोना वायरस (कोविड 19) ने विश्व भर में जहां कहर बरपा रखा है वहीं इसके कारण खसरा, पोलियो और डिप्थीरिया जैसी बीमारियों से जूझ रहे कम से कम 68 अमीर-गरीब देशों के एक वर्ष से कम के लगभग आठ करोड़ बच्चों के टीकाकरण अभियान में बाधा आने की आशंका है। 

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) , संयुक्त राष्ट्र बाल कल्याण कोष (यूनीसेफ) और वैक्सीन अलायंस, गावी की ओर से यह चेतावनी ऐसे समय आई है , जब आगामी चार जून को होने जा रहे विश्व वैक्सीन शिखर सम्मेलन में दुनिया भर के नेता टीकाकरण अभियान को कायम रखने तथा आर्थिक रूप से कमजोर देशों में महामारी के असर को कम करने में सहायता के लिए एक मंच पर जुटेंगे।

डब्ल्यूएचओ, यूनिसेफ, गावी और साबिन वैक्सीन इंस्टीट्यूट की ओर से जुटाये गये आंकड़ों के अनुसार कम से कम 68 देशों में नियमित टीकाकरण कार्यक्रमों पर बहुत हद तक प्रतिकूल असर पड़ा है। इन देशों में एक वर्ष से कम आयु वाले आठ करोड़ शिशुओं के इससे प्रभावित होने की आशंका है। गावी के सीईओ डॉ सेत बर्कले ने कहा कि वर्तमान समय में ज्यादातर देशों के अधिकतर बच्चे वैक्सीन निवारक बीमारियों से सुरक्षित हैं।

हालांकि कोरोना वायरस की महामारी के कारण टीकाकरण अभियान मे बाधा आने के कारण खसरा और पोलियो जैसी बीमारियों के एक बार फिर सिर उठाने का खतरा बना हुआ है। उन्होंने कहा कि टीकाकरण कार्यक्रमों के जरिए ही इस प्रकोप को विराम दिया जा सकेगा और इसके लिए यह सुनिश्चित करना होगा कि कोरोना का टीका बनाने के लिए हमारे पास एक बुनियादी ढांचा हो ।