विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने सोमवार को आगाह किया कि वैक्सीन की प्रबल उम्मीद के बावजूद कोरोना वायरस के लिए रामबाण दवा कभी संभव नहीं हो सकती है। इस वैश्विक स्वास्थ्य एजेंसी ने यह भी कहा कि दुनियाभर में हालात सामान्य होने में लंबा वक्त लगेगा। समाचार एजेंसी के अनुसार, कोरोना पीड़ितों का वैश्विक आंकड़ा एक करोड़ 82 लाख से ज्यादा हो गया है। अब तक छह लाख 93 हजार से अधिक की मौत हुई है।

डब्ल्यूएचओ के निदेशक टेड्रोस अदनोम घेबरेसस ने जेनेवा स्थित मुख्यालय से एक वर्चुअल ब्रीफिंग में कहा, सरकारों और लोगों के लिए यह साफ संदेश है कि बचाव के लिए सब कुछ करें। दुनियाभर में इस महामारी से मुकाबले में फेस मास्क एकजुटता का प्रतीक बनना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र की इस स्वास्थ्य संस्था के प्रमुख ने कहा, कई वैक्सीन क्लीनिकल ट्रायल के तीसरे चरण में हैं और हम सभी को उम्मीद है कि इनमें से कई प्रभावी होंगी, जिससे संक्रमण की रोकथाम में लोगों को मदद मिल सकती है। हालांकि फिलहाल कोई अचूक दवा नहीं है और संभवत: ऐसा कभी हो भी नहीं सकता।

इस मौके पर टेड्रोस और डब्ल्यूएचओ के आपात मामलों के प्रमुख माइक रियान ने सभी देशों से कोरोना की रोकथाम के लिए मास्क, शारीरिक दूरी, हैंड-वाशिंग और टेस्टिंग जैसे उपायों को सख्ती के साथ लागू करने की अपील की। 

दुनिया में कोरोना महामारी से सबसे ज्यादा प्रभावित अमेरिका में संक्रमित लोगों की संख्या तेज गति से बढ़ रही है। इस देश में पीड़ितों की संख्या 48 लाख के पार पहुंच गई है। इनमें से सबसे पांच लाख से अधिक मामले अमेरिका में महामारी के केंद्र बने कैलिफोर्निया प्रांत में हैं। इस प्रांत में रविवार को नौ हजार से ज्यादा नए मामले पाए गए। अमेरिका के टेक्सास और फ्लोरिडा समेत कई दूसरे प्रांतों में भी तेजी से मामले बढ़ रहे हैं। पूरे देश में अब तक कुल एक लाख 58 हजार से अधिक पीड़ित दम तोड़ चुके हैं।

दुनिया में अमेरिका के बाद कोरोना की मार से सबसे ज्यादा जूझ रहे ब्राजील में मरने वालों की संख्या 94 हजार के पार पहुंच गई है। जबकि 25 हजार से ज्यादा नए मामले मिलने से संक्रमित लोगों की संख्या बढ़कर 27 लाख 33 हजार से अधिक हो गई है। इस लैटिन अमेरिकी देश में शनिवार को 45 हजार से ज्यादा नए पीडि़त पाए गए थे।