असम के पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई ने भाजपा पर हमला बोलते हुए कहा कि जैश ए मोहम्मद का संस्थापक मसूद अजहर जो जम्मू कश्मीर के पुलवामा जिले में सीआरपीएफ पर हुए आतंकी हमले के पीछे है, को भाजपा सरकार ने 1999 में रिहा किया था। वरिष्ठ कांग्रेस नेता उस फैसले का जिक्र कर रहे थे जो 1999 में अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार ने लिया था। 1999 में एयर इंडिया की फ्लाइट 814 को हाईजैक कर लिया गया था। उसमें 178 यात्री सवार थे। इन यात्रियों की रिहाई के बदले मसूद अजहर को छोड़ा गया था। दिसपुर में मीडया को संबोधित करते हुए गोगोई ने कहा मैं उनको पूछना चाहता हूं किन्होंने मसूद अजहर को रिहा किया था। जो 1999 के कंधार कांड में शामिल था। इसके लिए कौन जिम्मेदार है?

भाजपा के शासनकाल के दौरान आतंकी हमले बढ़े हैं। इस कारण जम्मू कश्मीर में रह रहे लोगों को दिक्कतें झेलनी पड़ रही है। एनआरसी अपडेशन प्रोसेस पर गोगोई ने कहा कि राज्य व केन्द्र दोनों सरकारें एनआरसी अपडेशन एक्सरसाइज को पूरा करने को लेकर गंभीर नहीं है। इसके बजाय दोनों सरकारें विवादित नागरिकता(संशोधन)बिल को आगे बढ़ाने में लगी है। एनआरसी ड्राफ्ट को ब्रह्मपुत्र नदी में फेंक देना चाहिए। गोगोई ने जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है।


आपको बता दें कि असम के दो जिलों गोलाघाट व जोरहाट में जहरीली शराब से 157 लोगों की मौत हो गई थी पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि असम में अवैध शराब के सिंडिकेट को नष्ट करने के लिए सीबीआई जांच जरूरी है। हालांकि राज्य सरकार सीबीआई को मामला सौंपने से डर रही है। असम पब्लिक सर्विस कमीशन के कैश फॉर जॉब घोटाले की जांच भी सीबीआई को करनी चाहिए। मुख्य अभियुक्त राकेश पॉल का भाई अभी भी फरार है।


भाजपा और असम गण परिषद के बीच गठबंधन पर गोगोई ने कहा कि एजीपी का स्टैंड स्पष्ट नहीं है। कभी असण गण परिषद के नेता कहते हैं कि वे अकेले लोकसभा चुनाव लड़ेंगा और कभी पार्टी के सदस्य भाजपा नेताओं से मिल रहे हैं। गोगोई ने मुख्यमंत्री सर्वानंद सोनोवाल और वित्त मंत्री हिमंता बिस्व सरमा पर हमला बोलते हुए कहा कि सोनोवाल और सरमा के बीच कॉल्ड वॉर चल रही है और उनके कारण जनता परेशान है। दोनों भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को इंप्रेस करने में लगे हैं।