विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह कहकर सबको चौंका दिया है कि शहरों और देशों को सिर्फ लॉकडाउन करके ही कोरोना वायरस से बचाने वाला उपाय नाकाफी है। उन्होने जो तर्क दिया है वो हम सभी को सोचने पर मजूबर कर सकता है।


WHO के सीनियर इमरजेंसी एक्सपर्ट माइक रेयान का कहना है कि सरकारों द्वारा सिर्फ लॉकडाउन करके कोरोना वायरस संक्रमण को रोकने का प्रयास करने से कुछ नहीं होने वाला। उनका कहना है कि लॉकडाउन के बाद जब सभी शहरों को राज्यों को खोल दिया जाएगा तो इससे आम जनता की भीड़ अचानक से सार्वजनिक स्थानों पर उमड़ पड़ेगी। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक रेयान का कहना है कि अगर सही और कड़े कदम नहीं लिए गए तो कोरोना वायरस एक ब्रेक के बाद ज्यादा आक्रामकता से लोगों पर हमला कर सकता है।

जॉन हॉपकिंस की ओर से जारी आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार अब तक पूरी दुनिया में कोरोना वायरस से 3,81 लाख लोग संक्रमित हो चुके है। इनमें से 16,559 लोग अब तक दम तोड़ चुके हैं। लेकिन इसके साथ ही एक अच्छी बात ये है कि अब तक कोरोना वायरस से संक्रमित होने के बावजूद 1.01 लाख लोग ठीक भी हो चुके हैं।


जानकारों का कहना है कि दुनिया के ज्यादातर कोरोना संक्रमित देशों ने लॉकडाउन कर दिया है. इटली, ईरान, अमेरिका और तमाम यूरोपीय देशों ने आम लोगों को घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी है।