मणिपुर में पहली बार भाजपा ने सरकार बनाई है। विधानसभा चुनाव में भाजपा ने शानदार प्रदर्शन किया और 60 में से 21 सीटें जीती। मणिपुर में कांग्रेस ने लगातार 15 साल शासन किया है। मणिपुर के मुख्यमंत्री एन.बीरेन सिंह राजनीति में आने से पहले पत्रकार थे। वे नेशनल लेवल के फुटबॉल खिलाड़ी भी रह चुके हैं।

बिरेन सिंह ने इस बार के विधानसभा चुनाव में हेनगांग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता। उन्होंने तृणमूल कांग्रेस के प्रत्याशी को हराया। बिरेन सिंह ने  2002 में उन्होंने डेमोक्रेटिक रिवोल्यूशन पीपुल्स पार्टी ज्वाइन की। उन्होंने हेनगांग विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जीते। 2004 में विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी का कांग्रेस में विलय हो गया। 2003 में बिरेन सिंह को विजिलेंस मिनिस्टर बनाया गया। बाद में उन्हें सिंचाई व बाढ़ नियंत्रण व युवा व खेल मंत्रालय का जिम्मा दिया गया। बिरेन सिंह ने 2007 और 2012 में हेनगांग विधानसभा क्षेत्र से विधायक चुने गए।

2012 में जब बिरेन सिंह को मंत्रीमण्डल में शामिल नहीं किया गया तो उनके रिश्ते मुख्यमंत्री इबोबी सिंह से बिगड़ गए। उस वक्त वह मणिपुर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के उपाध्यक्ष थे। अक्टूबर 2016 में बिरेन सिंह कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए। भाजपा ने उन्हें प्रदेश प्रवक्ता और चुनाव प्रबंधन समिति का सह-संयोजक बनाया। मणिपुर में जातीय संघर्ष के कारण पिछले 4 महीने से आर्थिक जाम लगा हुआ है।