पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की मानसा की रोड़ पर ताबड़तोड़ 30 राउंड की फायरिंग कर हत्या कर दी है। 30 में से 20 गोलियां सिद्धू को लगी है। पंजाब पुलिस ने बताया की पिछले साल की अकाल नेता विक्की मिड्डूखेड़ा की हत्या की रंजिश के चलते मूसेवाला का कत्ल किया गया है। हत्या की जिम्मेदारी गैंगस्टर गोल्डी ने ली है। गोल्ड से तिहाड़ जेल बीती रात काला जठेड़ी गैंग और काला राणा गैंग से पुलिस ने की पूछताछ की गई है।

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कौन हैं गोल्डी बरार और लॉरेंस बिश्नोई

गोल्डी बरार का असली नाम सतिंदर सिंह है। वह कनाडा का रहने वाला गैंगस्टर है और कई मामलों में वॉन्टेड है। इस महीने की शुरुआत में फरीदपुर कोर्ट ने बरार के खिलाफ जिला यूथ कांग्रेस प्रेसिडेंट गुरलाल सिंह पहलवान की हत्या मामले में गैर जमानती वॉरंट जारी किया है।


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लॉरेंस बिश्नोई

वहीं लॉरेंस बिश्नोई दिल्ली की तिहाड़ जेल में कैद है। बताया जाता है कि वह जेल से ही अपना नेटवर्क चलाता है। चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान लॉरेंस बिश्नोई तेजी से छात्र राजनीति में उभरा था लेकिन वह यूनिवर्सिटी इलेक्शन हार गया। इसके बाद वह अपराध की दुनिया में चला गया। पंजाब के दविंदर बंबीहा ग्रुप और लॉरेंस बिश्नोई गैंग की दुश्मनी किसी से छिपी नहीं है।

1 मई को पंजाब पुलिस की एंटी-गैंगस्टर टास्ट फोर्स (AGTF) ने लॉरेंस बिश्नोई और गोल्डी बरार के तीन करीबियों को बठिंडा से गिरफ्तार किया था। गोल्डी बरार के ये करीबी मालवा जिले के एक नामी बिजनेसमैन पर हमले की योजना बना रहे थे ताकि उससे वसूली की जा सके। पंजाब की स्थानीय मीडिया की रिपोर्ट के मुताबिक ये अपराधी बरार के आदेश पर एनसीआर के फरार गैंगस्टर्स को छिपने की जगह मुहैया कराते थे।