गुजरात के हीरा व्यापारी घनश्याम भाई धनजी भाई ढोलकिया को कौन नहीं जानता है। ये परिवार साल तब चर्चा में आया था, जब धनजीभाई ढोलकिया के बेटे सावजी ढोलकिया ने अपने तीन कर्मचारियों को मर्सिडीज कार गिफ्ट की थी। इससे पहले साल 2014 में दिवाली बोनस पर अपने कर्मचारियों को 500 फ्लैट, 525 हीरे के गहने दिए थे। अब ऐसे ही एक बिजनेसमैन गिरीश मातृभूतम चर्चाओं में हैं। दरअसल गिरीश ने अपनी कंपनी के 500 से ज्यादा कर्मचारियों को करोड़पति बना दिया है। इसमें से 70 की उम्र 30 साल से भी कम है। 

दरअसल बिजनेस सॉफ्टवेयर फर्म फ्रेशवर्क्स इंक चेन्नई और सिलिकॉन वैली बेस्ड कंपनी के नैसडैक में  बुधवार को अमेरिकी एक्सचेंज नैसडैक पर धमाकेदार एंट्री की और कंपनी के सभी कर्मचारी करोड़पति बन गए। ये नैसडैक में लिस्ट होने वाली भारत की पहली सॉफ्टवेयर एज सर्विस और यूनिकॉर्न कंपनी है. गिरीश मातृभूतम की इस कंपनी में 4000 से ज्यादा कर्मचारी काम करते हैं। जानकारी के मुताबिक कंपनी के शेयर ने नैसडैक इंडेक्स पर अपने इश्यू प्राइस से 21 फीसदी ऊपर 36 डॉलर के भाव पर एंट्री की। 

इसके साथ ही कंपनी का मार्केट कैप 12 अरब डॉलर के ऊपर पहुंच गया। आज 76 फीसदी कर्मचारियों के पास फ्रेशवर्क्स में शेयर हैं। फ्रेशवर्क्स के सीईओ गिरीश मातृभूमि ने लिस्टिंग के माध्यम से कर्मचारियों के लिए पैसा कमाने पर कहा कि मैं वास्तव में खुश और गौरवान्वित हूं। कंपनी की इस उपलब्धि से मैं बहुत खुश हूं। इस आईपीओ ने मुझे अब तक फ्रेशवर्क्स के उन सभी कर्मचारियों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने का मौका दिया है, जिन्होंने पिछले दस वर्षों में हम पर विश्वास किया है और फ्रेशवर्क्स में योगदान दिया है।

कर्मचारियों के करोड़पति बनने पर मातृभूतम ने कहा कि इस तरह की चीजें भारत में और ज्यादा करने की जरूरत है। कर्मचारियों की मेहनत से ये संभव हो पाया है, वे इसके लिए योग्य हैं। जैसे-जैसे कंपनी बढ़ी, इन सभी कर्मचारियों ने उसमें योगदान दिया। मैं मानता हूं कि कंपनी के इस रिवेन्यू को उन लोगों के साथ साझा किया जाना चाहिए जिन्होंने इसे बनाया है। यह केवल कंपनी के मालिक के अमीर होने या निवेशकों के अमीर होने के लिए नहीं है। मैं इस बात से खुश हूं, कि हमने एक नया प्रयोग किया है और हम इसे जारी रखेंगे।