लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर चर्चा का जवाब देते हुए प्रधानमंत्री पूरे रौ में दिखे। खेती से जुड़े कानूनों का बचाव करते हुए जब वो बोलने लगे तो कांग्रेस नेता अधीर रंजन चौधरी टोकने लगे। इस पर मोदी ने पहले हंसते हुए उन्हें चुप कराया। नोक-झोंक के बीच मोदी ने स्पीकर से कहा - ये सब भी चलते रहना चाहिए लेकिन जब टोकाटकी बढ़ गई तो मोदी थोड़े गुस्से में आ गए।

हो हंगामा तब हुआ जब नरेंद्र मोदी ने भाषण के दौरान कहा , "न कहीं मंडी बंद हुई , एमएसपी बंद हुई। इतना ही नहीं कानून बनने के बाद एमएसपी के तहत खरीद बढ़ी है। मोदी ने कहा कि सरकार किसानों की हर बात सुनने के लिए तैयार है और अगर कोई भी कमी है तो हम उसे दूर करने के लिए तैयार हैं।"

इस पर अधीर रंजन चौधरी खड़े हो गए और हल्ल करने लगे। तब पीएम मोदी ने कहा, ये हो हल्ला , ये रूकावट डालने का प्रयास एक सोची समझी रणनीति के तहत है। जैसा बाहर करते हैं हो हल्ला वैसा ही अंदर करते रहो लेकिन इससे लोगों का विश्वास आपको हासिल नहीं होगा। पहले जो व्यवस्था थी, उसमें से कुछ भी इस कानून ने छीन लिया है क्या, सब पुराना वैसा ही, नया हुआ है कि उन्हें विकल्प दिया गया है।

किसान जहां ज्यादा फायदा हो वहां चला जाय, ये व्यवस्था की गई है। मोदी ने अधीर रंजन को टोका और कहा - अब ज्यादा हो रहा है.. बंगाल में भी टीएमसी से ज्यादा पब्लिसिटी आपको मिल जाएगी। अधीर रंजन जी प्लीज, अच्छा नहीं लगता है, मैं आपका आदर करता हूं, हद से ज्यादा क्यों कर रहे हो।

ये नए कानून किसी के लिए बंधनकारी नहीं है। उनके लिए विकल्प दिया गया है। हां, अगर थोप दिया गया होता कुछ भी तो हम मान लेते। आंदोलन का नया तरीका है। आंदोलनजीवी ऐसा तरीका अपनाते हैं, ऐसा हुआ तो ये होगा, इस तरह भय पैदा करके आग लगाने का काम किया जाता है।